दूसरी कोरोना लहर: मई 2020 से ज्यादा संक्रमण व मौतें, एक संक्रमित से 406 को खतरा
- गत वर्ष से ज्यादा संक्रमण व मृत्यु दर ज्यादा
- 12 राज्यों के 46 जिलों पर खास नजर
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देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार संक्रमण व उससे होने वाली मौतों के साप्ताहिक मामलों में मई 2020 के बाद सबसे ज्यादा तेजी आई है। एक संक्रमित व्यक्ति यदि पाबंदी का पालन नहीं करे तो 30 दिन में वह औसतन 406 लोगों को संक्रमित कर सकता है।
केंद्र ने 12 राज्यों को दिए ये निर्देश
ताजा हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने शनिवार को उन 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को जांच व गाइड लाइन का सख्ती से पालन कराने को कहा है, जहां कोविड-19 के मामलों में तेजी आई है। सरकार ने कहा कि ज्यादा ध्यान उन 46 जिलों पर है, जहां से इस महीने संक्रमण के कुल मामलों का 71 प्रतिशत और इनसे होने वाली मौत के मामले में 69 प्रतिशत मामले सामने आए।
महाराष्ट्र के 25 जिले सर्वाधिक प्रभावित
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि महाराष्ट्र के कुल 36 जिलों में से 25 सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और यहां से देश में बीते एक हफ्ते में सामने आए कुल मामलों में से 59.8 प्रतिशत मिले हैं।
इन 12 राज्यों के सचिवों के साथ बैठक में समीक्षा
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की अध्यक्षता में 12 राज्यों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) और कोविड-19 के सर्वाधिक मामलों और मृत्यु से जुड़े 46 जिलों के निगम आयुक्तों व जिलाधिकारियों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। ये 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं- महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, कर्नाटक, पंजाब और बिहार।
90 फीसदी मौतें 45 साल से ज्यादा उम्र वालों की
बैठक में इन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभावित जिलों का विश्लेषण और कुछ अहम सांख्यिकीय आंकड़े पेश किए गए। इनके मुताबिक कोविड-19 से होने वाली मौत के मामलों में लगभग 90 प्रतिशत मामले 45 साल ये ज्यादा आयुवर्ग वालों के हैं।
44 फीसदी ही लोग ही लगा रहे मास्क
अध्ययन के नतीजों में रेखांकित किया गया कि 90 प्रतिशत लोगों को जहां इस बीमारी के बारे में जानकारी है, वहीं मास्क वास्तव में सिर्फ 44 प्रतिशत लोग ही लगाते हैं। यदि एक संक्रमित व्यक्ति की रोकटोक नहीं हो तो वह 30 दिनों की अवधि में 406 और लोगों को संक्रमित कर सकता है जबकि भौतिक संपर्क को अगर घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया जाए तो यह आंकड़ा घटकर 15 लोगों का हो जाएगा जबकि भौतिक संपर्क में अगर 75 प्रतिशत तक कमी कर दी जाए तो पीड़ित के संपर्क में आने पर संक्रमित होने वालों की संख्या 2.5 (औसतन) रह जाएगी।
लोगों में ज्यादा दिख रही लापरवाही
बैठक में यह भी बताया गया कि ‘दूसरी लहर’ को देखते हुए कोविड-19 को लेकर जमीनी स्तर पर विषाणु की रोकथाम व प्रबंधन रणनीति को लेकर लोगों की लापरवाही से ज्यादा नजर आ रही है। केंद्र ने राज्यों से कहा कि ऐसे में 46जिलों में कम से कम 14 दिनों तक पाबंदियों का कड़ाई से पालन और संपर्क में आए लोगों की तलाश की सिफारिश की जाती है। ताकि संक्रमण के प्रसार की श्रृंखला टूटे और पिछले साल सामूहिक प्रयास से हासिल किए गए प्रयासों को बर्बाद होने से रोका जा सके।
केंद्र ने बनाई पांच स्तरीय रणनीति
- राज्य व केंद्र शासित प्रदेश कोविड-19 जांच में व्यापक इजाफा करें।
- 70 प्रतिशत जांच आरटीपीसीआर से करने की कोशिश की जाए।
- क्वारंटीन व आइसोलेशन का प्रभावी पालन हो।
- शुरुआती 72 घंटों में पीड़ित के संपर्क में आए औसतन 30 करीबी लोगों की पहचान हो।
- जांच कर इन लोगों को क्वारंटीन किया जाए।