फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Searched on Google only what is Google down?

गूगल पर ही सर्च किया 'क्या गूगल डाउन है?'

Tue, 15 Dec 2020 06:36 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Tue, 15 Dec 2020 06:36 AM IST
विज्ञापन
Searched on Google only what is Google down?
Google Down - फोटो : Amar Ujala

गूगल के 45 मिनट ठप होने से जीमेल, यूट्यूब और क्लाउड सर्च, कीप, टास्क, वाइस, शीट्स, स्लाइड्स, ग्रुप्स, हैंगआउट्स, चैट, वोल्ट, करंट की सेवाएं भी बाधित रहीं।

विज्ञापन


परिणाम में 592 करोड़ों जवाब आए सोशल मीडिया पर नंबर एक पर ट्रेंड
सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में इसकी शिकायत की, कई ने मजाक भी बनाया। बड़ी संख्या में लोगों ने गूगल पर ही सर्च किया कि क्या गूगल डाउन है, इसके परिणाम में 592 करोड़ जवाब आए। टि्वटर पर एक लाख से अधिक लोगों ने 1 घंटे में हैशटैग गूगल डाउन लिखकर नंबर पर एक पर ट्रेंड करवा दिया।
विज्ञापन


गूगल ने धैर्य, विश्वसनीयता, आभार जैसे शब्दों में छुपाई विफलता
यूजर से माफी मांगते हुए गूगल ने बताया कि ऐसा 'ऑथेंटिकेशन सिस्टम आउटेज' की वजह से हुआ। धैर्य बनाए रखने के लिए गूगल ने यूजर्स का आभार जताया और कहा कि सिस्टम की विश्वसनीयता सर्वोपरि है। वह अपना सिस्टम लगातार बेहतर कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आधिपत्य का नतीजा
महामारी के बीच शिक्षा, चिकित्सा से लेकर कारोबार तक टेक कंपनियों की व्यवस्था पर निर्भर हैं। ऐसे में गूगल का बाधित होना खतरे की घंटी है। विशेषज्ञों के अनुसार, गूगल, फेसबुक, अमेजॉन, एप्पल ने कोई और कंपनी पनपने ही नहीं दी। नतीजा यह है कि आज इनके सिस्टम में खामी आने पर नागरिकों के पास कोई और रास्ता नहीं बचता है। सब काम ठप हो जाता है एक कंपनी की विफलता पूरे सिस्टम को बाधित कर रही है।

क्या है सिस्टम आउटेज
किसी टेक कंपनी की सेवा में आउटेज यानी एक से दूसरी जगह डाटा भेजने या स्टोरेज में बाधा आना। विशेषज्ञों के अनुसार, एक दशक पहले तक ऐसा इंटरनेट टेक कंपनियों में होता था लेकिन अब नहीं। खासतौर से गूगल और फेसबुक जैसी बड़ी कंपनियों ने दुनिया में जगह-जगह अपने डेटा केंद्रों का ऐसा नेटवर्क बना रखा बना लिया है कि आउटेज नहीं होना चाहिए। फिर भी हुआ तो बेहद चिंताजनक है।

प्रमुख प्लेटफार्म पर असर

जीमेल
850 करोड़ ईमेल नहीं भेजे जा सके
180 करोड़ कुल एक्टिव यूजर्स 2020 में रोजाना औसतन 30.60 हजार करोड़ ई-मेल भेजते हैं। 40 मिनट में करीब 850 करोड़ ईमेल नहीं भेजे जा सके। हालांकि गूगल के अनुसार, यूजर्स औसतन 19 प्रतिशत ईमेल खोलते हैं, अधिकतर मेल स्पैम या प्रमोशन होते हैं।


यूट्यूब
209 करोड़ एक्टिव यूजर्स पर असर
हर मिनट 500 घंटे का कंटेंट अपलोड हो रहा है, इस लिहाज से 40 मिनट में 20 हजार घंटे का कंटेंट अपलोड नहीं हो सका। इतने ही समय में यूट्यूब पर 209 करोड़ एक्टिव यूजर्स होते हैं, इनमें से करीब आधे वीडियो नहीं देखे पाए। पिछली तिमाही में उसने प्रति मिनट 28 हजार रुपये कमाए थे, यानी 40 मिनट में करीब 11.20 लाख का नुकसान।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed