फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   science and technology will decide the future of India : Naik

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ही संवृद्ध और शाक्तिशाली भारत का निर्माण करेंगे : नाईक

Sat, 10 Dec 2016 03:09 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, जौनपुर
ब्यूरो/ अमर उजाला, जौनपुर Updated Sat, 10 Dec 2016 03:09 AM IST
विज्ञापन
science and technology will decide the future of India : Naik

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को सुदृढ़ बनाकर हम संवृद्ध और शक्तिशाली भारत का निर्माण कर सकेंगे। यह कार्य तभी संभव होगा जब देश में गुणवत्तायुक्त शोध होंगे। बेहतर शोध से छात्रों में नवाचार की प्रवृत्ति बढे़गी। बौद्धिक संपदा के संरक्षण के लिए सभी को आगे आने की जरूरत है। 

विज्ञापन


ये बातें प्रदेश के राज्यपाल और कुलाधिपति राम नाईक ने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के  तत्वावधान में शुक्रवार को आयोजित बौद्धिक संपदा के संरक्षण व अधिकार विषयक संगोष्ठी में लखनऊ से टेलीफोन पर संबोधन में व्यक्त किए। मौसम ठीक न होने के कारण राज्यपाल कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि आज साहित्य सृजन एवं शोध में नवाचार की प्रवृत्ति शोधार्थियों में कम हो गई है। मेरी यही अपेक्षा है कि वे अनुसंधान एवं साहित्य सृजन में मौलिकता तथा नवाचार को सदैव एकीकृत करते रहेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत सरकार ने राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा अधिकार नीति को मई 2016 में मंजूर किया है। इसमें समाज के सभी वर्गों में बौद्धिक संपदा अधिकारों के आर्थिक, सामाजिक लाभों के प्रति जागरूकता पैदा करने की जरूरत है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को जन-जन तक पहुंचाना होगा।

शिक्षकों को अपने युवा शोधार्थियों से सीखने में संकोच नहीं करना चाहिए

science and technology will decide the future of India : Naik

कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने कहा कि शिक्षकों को भी अपने युवा शोधार्थियों से सीखने में संकोच नहीं करना चाहिए। युवा जब शोध के लिए काम शुरू करता है तो उसके अपने विचार होते हैं, अपनी सोच होती है। संभव है यही सोच आगे चलकर एक अच्छा मार्ग प्रशस्त करे। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हमें विकसित देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। नए अन्वेषण की तरफ आगे बढ़ना चाहिए। 

संगोष्ठी में आईआईटी दिल्ली के प्रो. सुधीर कुमार जैन ने भारतीय पेटेंट एक्ट और कापी राइट एक्ट के विभिन्न आयामों की जानकारी दी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की संयुक्त निदेशक डा. शशि राना ने परिषद की कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला।
 
वाणिज्य मंत्रालय नई दिल्ली के डा. सुमित कुमार ने बौद्धिक संपदा अधिकार 2016 पर व्याख्यान दिया। कहा आईपीआर पालिसी 2016 पारित की गई हैं। जिसमें रचनात्मक भारत की कल्पना है। जिससे शोध एवं नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम का संचालन आयोजन सचिव डा. राजेश शर्मा ने किया। प्रो. डीडी दूबे और प्रो. बीबी तिवारी ने आभार जताया। 

इस अवसर पर वित्त अधिकारी एमके सिंह, कुलसचिव डा. देवराज, उप कुलसचिव संजीव सिंह, टीबी सिंह, डा. केएस तोमर, डा. मानस पांडेय, डा.एसपी तिवारी, डा. अजय प्रताप सिंह, डा.एके श्रीवास्तव, डा. अविनाश पाथर्डीकर, डा. मनोज मिश्र, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा वन्दना राय,डा. आषुतोष सिंह, डा. रजनीष भाश्कर, डा. सुनील कुमार, डा. अवध बिहारी सिंह, डा. विवेक पांडेय आदि मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed