फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   School recruitment scam case release former Bengal Education Minister Partha Chatterjee will get bail

स्कूल भर्ती घोटाला: बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की रिहाई का रास्ता साफ, तीन साल बाद मिलेगी जमानत

Mon, 10 Nov 2025 08:03 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु चंदेल Updated Mon, 10 Nov 2025 08:03 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल के स्कूल भर्ती घोटाले में पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अगस्त में जमानत दी थी, लेकिन रिहाई की शर्त आठ गवाहों के बयान पूरे होने पर थी। सोमवार को गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद अदालत ने बेल प्रक्रिया शुरू कर दी। 

विज्ञापन
School recruitment scam case release former Bengal Education Minister Partha Chatterjee will get bail
पार्थ चटर्जी - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित स्कूल भर्ती घोटाले मामले में पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की रिहाई का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। सोमवार को कोलकाता की एक अदालत में आठ गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद उनकी जमानत की प्रक्रिया शुरू हो गई। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही अगस्त में उन्हें जमानत दे दी थी, लेकिन रिहाई की शर्त गवाहों के बयान पूरे होने पर निर्भर थी।
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को पार्थ चटर्जी को सीबीआई जांच वाले इस मामले में जमानत देते हुए कहा था कि उन्हें तभी रिहा किया जाएगा जब ट्रायल कोर्ट ‘महत्वपूर्ण गवाहों’ के बयान दर्ज कर ले। कोर्ट ने यह भी कहा था कि तीन साल तक जेल में रहने के बाद अब उनकी निरंतर हिरासत ‘न्याय के साथ अन्याय’ होगी। सोमवार को जब सभी आठ गवाहों की गवाही पूरी हो गई तो बचाव पक्ष ने अदालत में रिहाई का आदेश जारी करने की मांग की।
विज्ञापन


रिहाई की प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
पार्थ चटर्जी के वकीलों ने अदालत को बताया कि अब जब गवाहों की परीक्षा पूरी हो चुकी है, तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार उन्हें रिहा किया जाना चाहिए। अदालत द्वारा बेल बॉन्ड पास होते ही चटर्जी की रिहाई संभव हो जाएगी। बताया जा रहा है कि फिलहाल चटर्जी अस्पताल में भर्ती हैं और औपचारिक प्रक्रिया पूरी होते ही उन्हें जमानत पर रिहा किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- सीमा पार से आने वाले ड्रोन को मार गिराएगा महिलाओं का 'दुर्गा ड्रोन स्क्वाड्रन', सीमा सुरक्षा में नई मिसाल


क्या है पूरा मामला?
सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में पार्थ चटर्जी और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक के शिक्षकों और ग्रुप ‘सी’ कर्मचारियों की भर्ती में भारी अनियमितताओं के आरोप हैं। यह घोटाला तब सामने आया जब बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने स्कूल सर्विस कमीशन (एसएससी) पर पैसे लेकर नौकरी देने का आरोप लगाया था।


अन्य आरोपी और कोर्ट की टिप्पणी
इस मामले में चटर्जी के अलावा एसएससी के पूर्व चेयरमैन सुबीर भट्टाचार्य और सलाहकार समिति के पूर्व अध्यक्ष एस. पी. सिन्हा भी आरोपी हैं। अदालत ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप चार सप्ताह के भीतर तय किए जाएं और दो महीने में गवाहों के बयान दर्ज हों।

पार्थ चटर्जी को जुलाई 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था और बाद में अक्तूबर 2024 में सीबीआई ने भी उन्हें हिरासत में लिया था। ईडी के अन्य मामलों में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed