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सीबीएसई की चेतावनी- संबद्ध स्कूल अपने परिसर में चल रहे कोचिंग संस्थान तत्काल बंद करें
Thu, 08 Aug 2019 12:17 AM IST
संदीप भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संदीप भट्ट
Updated Thu, 08 Aug 2019 12:17 AM IST
सार
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अपनाया कड़ा रुख
- ऐसी व्यावसायिक गतिविधियां चलाना बोर्ड के नियम के खिलाफ
- बोर्ड ने कहा- एफिलिऐशन बायलॉज 2018 के अनुसार कार्रवाई करेंगे
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विस्तार
केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) संबद्ध स्कूल अपने परिसर में कोचिंग संस्थान के नाम पर समानांतर कक्षाएं चला रहे हैं। इंटीग्रेटिड कोर्स भी चलाए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से सीबीएसई सिलेबस व विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है।
ये सूचना मिलने के बाद बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाया है और ऐसे स्कूलों को यह व्यावसायिक गतिविधियां तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई नहीं मानता है तो उसके खिलाफ बोर्ड के एफिलिऐशन बायलॉज 2018 के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
सीबीएसई के अनुसार, किसी भी नाम से व्यावसायिक उद्देश्य के लिए इस प्रकार की कक्षाएं चलाना बोर्ड के संबद्ध उपनियमों का उल्लंघन है। सीबीएसई सचिव अनुराग त्रिपाठी की ओर से इस संबंध में स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल ऐसी ट्यूशन व कोचिंग कक्षाओं को बंद करें, जो स्कूल टाइम टेबल के समांतर हों।
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इससे स्कूलों की कक्षाओं का टाइम टेबल प्रभावित हो रहा है। सचिव ने स्कूलों को आरटीई एक्ट 2009 के नियम 28 का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी शिक्षक खुद को प्राइवेट ट्यूशन व प्राइवेट टीचिंग में संलग्न नहीं कर सकता है। सीबीएसई के एफिलिऐशन बायलॉज 2018 के नियम 14.10 के अनुसार, किसी स्कूल के परिसर को व्यावसायिक गतिविधि के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
सीबीएसई को कुछ स्कूलों के संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें यह जानकारी सामने आई हैं कि वह परिसर में कोचिंग संस्थान चला रहे हैं। सीबीएसई के कोर्स के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं व प्रवेश परीक्षाओं की तैयारियां कराई जा रही है। इन तैयारियों के नाम पर छात्रों व अभिभावकों को गुमराह किया जा रहा है।
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ये सूचना मिलने के बाद बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाया है और ऐसे स्कूलों को यह व्यावसायिक गतिविधियां तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई नहीं मानता है तो उसके खिलाफ बोर्ड के एफिलिऐशन बायलॉज 2018 के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
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सीबीएसई के अनुसार, किसी भी नाम से व्यावसायिक उद्देश्य के लिए इस प्रकार की कक्षाएं चलाना बोर्ड के संबद्ध उपनियमों का उल्लंघन है। सीबीएसई सचिव अनुराग त्रिपाठी की ओर से इस संबंध में स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल ऐसी ट्यूशन व कोचिंग कक्षाओं को बंद करें, जो स्कूल टाइम टेबल के समांतर हों।
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इससे स्कूलों की कक्षाओं का टाइम टेबल प्रभावित हो रहा है। सचिव ने स्कूलों को आरटीई एक्ट 2009 के नियम 28 का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी शिक्षक खुद को प्राइवेट ट्यूशन व प्राइवेट टीचिंग में संलग्न नहीं कर सकता है। सीबीएसई के एफिलिऐशन बायलॉज 2018 के नियम 14.10 के अनुसार, किसी स्कूल के परिसर को व्यावसायिक गतिविधि के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
सीबीएसई को कुछ स्कूलों के संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें यह जानकारी सामने आई हैं कि वह परिसर में कोचिंग संस्थान चला रहे हैं। सीबीएसई के कोर्स के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं व प्रवेश परीक्षाओं की तैयारियां कराई जा रही है। इन तैयारियों के नाम पर छात्रों व अभिभावकों को गुमराह किया जा रहा है।