गुजरात में बेरोजगारी का आलम, इंजीनियर, एमबीए और तकनीकी विशेषज्ञ हैं कॉन्स्टेबल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 17 Apr 2018 06:59 PM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर
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हरेश विट्ठल लोक रक्षक दल (एलआरडी) के जवान हैं। वे नवरंगपुरा पुलिस थाने में तैनात हैं और उनके पास एमबीए की डिग्री है। वे यहां तैनात किए दो एमबीए ग्रेजुएट्स में से एक हैं जिनमें में से एक महिला कॉन्स्टेबल है, जो हाल ही में ट्रांसफर कर दिए गए । 
वास्तव में इस पुलिस थान में पांच अन्य एलआरडी कर्मी हैं जिनके पास बीसीए, बीए, बीएड, पीजीडीसीए और एमएससी जैसी प्रोफेशनल डिग्रियां हैं। गुजरात पुलिस द्वारा संकलित आंकड़ों के मुताबिक 2017 में एलआरडी के रूप में चुने गए करीब 1000 उम्मीदवारों के पास प्रोफेशनल डिग्रियां है। विडंबना यह है कि इस नौकरी के लिए पात्रता मानदंड सिर्फ 12वीं पास है। एलआरडी को पांच साल के समय के लिए एक निर्धारित वेतन पर रखा जाता है जो कि एक क्लास थ्री का पद है। इसके बाद उन्हें नियमित कांस्टेबल के तौर पर शामिल कर लिया जाता है। 

2017 एलआरडी भर्ती के अध्यक्ष जीडी मल्लिक, वडोदरा रेंज के आईजीपी, ने कहा कि चुने गए 17,532 एलआरडी के जवानों में से 50 फीसदी से अधिक के पास स्नातक या स्नातकोत्तर की डिग्री थी, जो कि पात्रता मानदंड से अधिक योग्यता है।

एमबीए की डिग्री वाले एक एलआरडी ने कहा, "मैंने उप-निरीक्षक और एलआरडी दोनों परीक्षाएं दी थी और एलआरडी के लिए चुना गया। मैंने यह नौकरी लेने का फैसला किया क्योंकि मैं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हूं। निश्चित रूप से कुछ असंतोष होता है क्योंकि एक उच्च डिग्री कंप्यूटर के कार्य या एफआईआर लिखने जैसे कार्यों से मेल नहीं खाती। कई बार तो हम बंदोबस्त के दौरान सड़कों पर सिर्फ लाठियां भांजते हैं।" 

गुजरात यूनिवर्सिटी में समाजशास्त्र विभाग के साथ एसोसिएट प्रोफेसर गौरांग जानी का कहना है कि निजी क्षेत्र में सुरक्षित नौकरियों नहीं हैं। यह बहुत बड़ा कारण है जिसकी वजह से शिक्षा और नौकरियों में असमानता है। उन्होंने कहा, "निजी क्षेत्र में अच्छी तनख्वाह वाली नौकरियों के अवसर बेहद कम होते जा रहे हैं। कोई आश्चर्य नहीं कि इसलिए उच्च शिक्षित युवा कमतर काम और वेतन वाली सुरक्षित नौकरियों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।" 

उन्होंने कहा कि समाज के कई हिस्सों में पुलिस की नौकरी की तुलना ताकत के साथ की जाती है और इसलिए हर स्तर पर खाकी से एक लगाव होता है।

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