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Gujarat Demolitions: 'यदि अधिकारी अवमानना करेंगे तो हम ढांचे बहाल करने को कहेंगे', सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

Fri, 04 Oct 2024 01:31 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता महतो Updated Fri, 04 Oct 2024 01:31 PM IST
सार

याचिकाकर्ता ने कहा कि शीर्ष अदालत के आदेश के बावजूद गुजरात में अधिकारियों ने संरचनाओं को गिरा दिया। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि संरचनाएं समुद्र से सटी हुई थीं और सोमनाथ मंदिर से लगभग 340 मीटर दूर थीं। यह आपके द्वारा बनाए गए अपवाद के अंतर्गत आता है।

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SC Updates: Contempt charge in demolition case SG Gujarat asked to respond Notice to Delhi LG in another case
Supreme Court - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को गुजरात सरकार से गिर सोमनाथ में दरगाह और अन्य स्थानों को गुजरात प्राधिकारियों की ओर से कथित रूप से ध्वस्त किए जाने के संबंध में सरकारी प्रतिष्ठान के खिलाफ अवमानना कार्यवाही की मांग करने वाली याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि अगर हमें लगेगा कि अधिकारी अवमानना कर रहे हैं, तो हम उन्हें ढांचे को बहाल करने का निर्देश देंगे। कोर्ट ने गुजरात में ध्वस्तीकरण के खिलाफ दिए उसके आदेश की अवमानना का आरोप लगाने वाली याचिका पर सॉलिसिटर जनरल से जवाब मांगा और मामले में आगे की सुनवाई को 16 अक्तूबर के लिए स्थगित किया।
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याचिकाकर्ता की दलील, सॉलिसिटर जनरल का जवाब
दरअसल, जस्टिस बीआर गवई और केवी विश्वनाथन की पीठ शीर्ष अदालत के 17 सितंबर के आदेश के कथित उल्लंघन के लिए अवमानना कार्यवाही शुरू करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें कहा गया कि देश भर में बिना अनुमति के अपराधों के आरोपियों सहित संपत्तियों को नहीं गिराया जाएगा। याचिकाकर्ता सुम्मास्त पाटनी मुस्लिम जमात की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े ने कहा कि शीर्ष अदालत के आदेश के बावजूद गुजरात में अधिकारियों ने संरचनाओं को गिरा दिया है। गुजरात के अधिकारियों की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि संरचनाएं समुद्र से सटी हुई थीं और सोमनाथ मंदिर से लगभग 340 मीटर दूर थीं। यह आपके द्वारा बनाए गए अपवाद के अंतर्गत आता है। 
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सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?
पिछले महीने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हम आगे स्पष्ट करते हैं कि हमारा आदेश तब लागू नहीं होगा, जब सड़क, गली, फुटपाथ, रेलवे लाइन से सटे या किसी नदी या जल निकाय जैसे किसी सार्वजनिक स्थान पर कोई अनधिकृत संरचना हो और साथ ही ऐसे मामलों में भी जहां अदालत द्वारा ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया हो।
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SC Updates: Contempt charge in demolition case SG Gujarat asked to respond Notice to Delhi LG in another case
Supreme Court - फोटो : PTI

प्राधिकरण को मटिया ट्रांजिट कैंप का औचक निरीक्षण करने का निर्देश
इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को असम राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिया कि वह विदेशियों के लिए बने मटिया ट्रांजिट कैंप का औचक निरीक्षण करे और वहां की साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता आदि की जांच करे। जस्टिस अभय एस ओका और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को निर्देश दिया कि वह अधिकारियों को पूर्व सूचना दिए बिना कैंप का दौरा करने के लिए उचित अधिकारियों को नामित करें ताकि साफ-सफाई की पुष्टि की जा सके। शीर्ष अदालत ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिया कि वह आज से एक महीने के भीतर निरीक्षण के बाद रिपोर्ट दाखिल करे। मामले की सुनवाई 4 नवंबर को होगी।

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