{"_id":"5ee26e247f2a1447cf5ee6db","slug":"sc-to-pronounce-verdict-tomorrow-on-giving-full-salary-to-employees-during-54-day-lockdown","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों को पूरी तनख्वाह देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगी फैसला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
लॉकडाउन के दौरान कर्मचारियों को पूरी तनख्वाह देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगी फैसला
Fri, 12 Jun 2020 01:18 AM IST
Rajeev Rai
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Fri, 12 Jun 2020 01:18 AM IST
विज्ञापन
supreme court
- फोटो : ANI
सर्वोच्च न्यायालय आज निजी कंपनियों द्वारा दायर की गई कई याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाएगी। इन याचिकाओं में कंपनियों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें कहा गया था कि कंपनियों को 54 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान अपने कर्मचारियों को पूरी तनख्वाह देनी होगी।
विज्ञापन
Supreme Court will tomorrow pronounce its judgement on a number of petitions, filed by several private companies, challenging the Ministry of Home Affairs order to make full salary to employees during the 54 days period of #COVID19 lockdown. pic.twitter.com/WlL3pSOGrJ
— ANI (@ANI) June 11, 2020विज्ञापन
दरअसल कोरोना महामारी के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने पूरे देश में लॉकडाउन लगाने का फैसला किया था और इस दौरान कंपनियों से अपने मजदूरों को पूरी तनख्वाह देने के आदेश भी दिए थे।
विज्ञापन
सरकार के इस फैसले को लेकर असमर्थता जताते हुए कई उद्योगों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद कोर्ट के समक्ष सरकार ने अपने पक्ष को रखते हुए 4 जून को हुई सुनवाई में कहा था कि मज़दूरों को पूरा वेतन देने का आदेश जारी करना ज़रूरी था। मज़दूर आर्थिक रूप से कमजोर तबके से आते हैं। बिना औद्योगिक गतिविधि के उन्हें पैसा मिलने में दिक्कत न हो, इसका ध्यान रखा गया। अब गतिविधियों की इजाजत दे दी गई है इसलिए 17 मई से उस आदेश को वापस ले लिया गया है।
सरकार की इस दलील से उद्योग संतुष्ट नहीं दिखे और उन्होंने 29 मार्च से 17 मई के बीच के 54 दिनों का पूरा वेतन देने में असमर्थता जताई. उनकी दलील थी कि सरकार को उद्योगों की मदद करनी चाहिए।