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मणिपुर में फिर हिंसा: गोलीबारी में महिला की मौत, पति-बेटा घायल, संयुक्त ऑपरेशन मं नौ उग्रवादी गिरफ्तार
Sun, 13 Sep 2026 06:45 PM IST
राहुल कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल
Published by: राहुल कुमार
Updated Sun, 13 Sep 2026 06:45 PM IST
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मणिपुर में तनाव (फाइल फोटो)
- फोटो : Amar Ujala Graphics
मणिपुर के तामेंगलोंग जिले के टोलेन गांव में रविवार सुबह करीब चार बजे हथियारबंद लोगों ने एक घर पर गोलीबारी कर दी। हमले में कुकी महिला ल्हिंगजांगई सिंगसिट की मौत हो गई, जबकि उसके पति और बेटे घायल हो गए। पति का इलाज चल रहा है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, परिवार के तीन बच्चे घटना के बाद कुछ समय तक लापता थे, जिन्हें बाद में खोज लिया गया।
स्थानीय लोगों ने हमले में एनएससीएन-आईएम से जुड़े कैडर और नागा विलेज गार्ड्स के शामिल होने का आरोप लगाया है। हालांकि किसी सशस्त्र संगठन की ओर से तत्काल हमले की जिम्मेदारी नहीं ली गई है। दूसरी ओर सेना ने संयुक्त ऑपरेशन में नौ उग्रवादियों को गिरप्तार किया है। जबकि नाकेबंदी के चलते हजारों ट्रक फंस गए हैं।
घटना ऐसे दिन हुई, जब कुकी समुदाय 13 सितंबर को ‘सहनित नी’ या ‘कुकी ब्लैक डे’ के रूप में मनाता है। यह दिन 13 सितंबर 1993 के जौपी नरसंहार के पीड़ितों की याद में मनाया जाता है। उस समय तामेंगलोंग और तत्कालीन सेनापति जिले के कुछ हिस्सों में बड़ी संख्या में कुकी नागरिक मारे गए थे। इस घटना में कुकी संगठनों ने एनएससीएन-आईएम के कैडरों की भूमिका का आरोप लगाया था।
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टोलेन तामेंगलोंग पश्चिम के तौसेम इलाके में स्थित दूरदराज का गांव है। क्षेत्र में सड़क संपर्क कमजोर होने के कारण गोलीबारी के बाद घायलों को इलाज के लिए ले जाना भी चुनौतीपूर्ण रहा। ताजा वारदात के बाद इलाके में फिर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। तामेंगलोंग और इम्फाल-तामेंगलोंग मार्ग के आसपास पहले भी छिटपुट गोलीबारी और झड़पें होती रही हैं।
ज्वाइंट ऑपरेशन में हथियार बरामद
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों में नौ संदिग्ध उग्रवादी कैडरों को गिरफ्तार किया है। संयुक्त अभियान के दौरान हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किए गए। सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और हाल की हिंसक घटनाओं से संभावित संबंधों की जांच कर रही हैं।
नाकेबंदी से सैकड़ों लोग ट्रकों फंसे
मणिपुर में आर्थिक नाकेबंदी के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ी संख्या में ट्रक और तेल टैंकर फंस गए थे। चालकों ने खराब सड़क और कथित वसूली की शिकायत की थी। नाकेबंदी और आवाजाही की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
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स्थानीय लोगों ने हमले में एनएससीएन-आईएम से जुड़े कैडर और नागा विलेज गार्ड्स के शामिल होने का आरोप लगाया है। हालांकि किसी सशस्त्र संगठन की ओर से तत्काल हमले की जिम्मेदारी नहीं ली गई है। दूसरी ओर सेना ने संयुक्त ऑपरेशन में नौ उग्रवादियों को गिरप्तार किया है। जबकि नाकेबंदी के चलते हजारों ट्रक फंस गए हैं।
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घटना ऐसे दिन हुई, जब कुकी समुदाय 13 सितंबर को ‘सहनित नी’ या ‘कुकी ब्लैक डे’ के रूप में मनाता है। यह दिन 13 सितंबर 1993 के जौपी नरसंहार के पीड़ितों की याद में मनाया जाता है। उस समय तामेंगलोंग और तत्कालीन सेनापति जिले के कुछ हिस्सों में बड़ी संख्या में कुकी नागरिक मारे गए थे। इस घटना में कुकी संगठनों ने एनएससीएन-आईएम के कैडरों की भूमिका का आरोप लगाया था।
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टोलेन तामेंगलोंग पश्चिम के तौसेम इलाके में स्थित दूरदराज का गांव है। क्षेत्र में सड़क संपर्क कमजोर होने के कारण गोलीबारी के बाद घायलों को इलाज के लिए ले जाना भी चुनौतीपूर्ण रहा। ताजा वारदात के बाद इलाके में फिर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। तामेंगलोंग और इम्फाल-तामेंगलोंग मार्ग के आसपास पहले भी छिटपुट गोलीबारी और झड़पें होती रही हैं।
ज्वाइंट ऑपरेशन में हथियार बरामद
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों में नौ संदिग्ध उग्रवादी कैडरों को गिरफ्तार किया है। संयुक्त अभियान के दौरान हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किए गए। सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और हाल की हिंसक घटनाओं से संभावित संबंधों की जांच कर रही हैं।
नाकेबंदी से सैकड़ों लोग ट्रकों फंसे
मणिपुर में आर्थिक नाकेबंदी के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ी संख्या में ट्रक और तेल टैंकर फंस गए थे। चालकों ने खराब सड़क और कथित वसूली की शिकायत की थी। नाकेबंदी और आवाजाही की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।