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CJI: जस्टिस बीआर गवई बोले- चीफ जस्टिस पर केंद्रित नहीं होना चाहिए सुप्रीम कोर्ट, सभी जज बराबर के भागीदार

Wed, 30 Jul 2025 08:37 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 30 Jul 2025 08:37 PM IST
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SC should never be chief justice-centric court: CJI Gavai
मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई - फोटो : एएनआई (फाइल)
भारत के मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई ने बुधवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट कभी भी केवल चीफ जस्टिस पर केंद्रित अदालत नहीं होना चाहिए, क्योंकि मुख्य न्यायाधीश बाकी सभी जजों के बीच सिर्फ पहले नंबर पर होते हैं, लेकिन सभी बराबर होते हैं। न्यायमूर्ति गवई ने यह भी कहा कि उन्होंने न्याय व्यवस्था की संस्था में हमेशा बार (वकील) और बेंच (न्यायाधीश) को बराबर का भागीदार माना है। वह सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) की ओर से उनके सम्मान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। 
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मुख्य न्यायाधीश ने कहा, मैं मानता हूं कि सीजेआई सिर्फ बराबर के न्यायाधीशों में पहले स्थान पर होता है और सुप्रीम कोर्ट कभी भी केवल सीजेआई पर केंद्रित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट सभी न्यायाधीशों और वकीलों की साझी अदालत है। इसीलिए मैं लोकतांत्रिक तरीके से काम करने में भरोसा रखता हूं। हम जो भी फैसले लेते हैं, वे पूर्ण अदालत के फैसले होते हैं।
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उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 26 मई से 11 जुलाई के बीच आंशिक कार्यदिवसों के दौरान बीते कई वर्षों में सबसे ज्यादा मामलों का निपटारा किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस साल अपनी पारंपरिक गर्मियों की छुट्टियों को आंशिक कार्यदिवस के रूप में बदल दिया था। न्यायमूर्ति गवई  ने कहा, मुझे कहना चाहिए कि आप सभी और मेरे सहयोगियों के सहयोग से हमने बीते कई वर्षों में आंशिक कार्यदिवसों के दौरान सबसे अधिक मामलों का निपटारा किया है।

उन्होंने कहा कि वकीलों ने उन्हें हमेशा बहुत स्नेह और प्यार दिया है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, दरअसल, मैंने हमेशा बार और बेंच को न्याय व्यवस्था की संस्था में समान भागीदार माना है। उन्होंने आगे कहा कि ये दोनों न्याय व्यवस्था के सुनहरी रथ के दो पहिए जैसे हैं। न्यायमूर्ति गवई ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि जब भी उन्हें इंफ्रास्ट्रक्चर और बिल्डिंग कमेटी का अध्यक्ष बनने का मौका मिला, तो उन्होंने यह निर्णय लिया कि जब भी कोई नई इमारत बनाई जाएगी, तब बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव भी उस पैनल का हिस्सा होंगे। 
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