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Hindi News ›   India News ›   SC dismisses 14 appeals against acquittals of accused Surendra Koli in 2006 Nithari serial killings case

Nithari Case: निठारी कांड में CBI, यूपी सरकार और पीड़ित परिवारों को झटका; सुप्रीम कोर्ट में अपील हुई खारिज

Wed, 30 Jul 2025 05:01 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Wed, 30 Jul 2025 05:01 PM IST
सार

2006 Nithari Serial Killings Case: सुप्रीम कोर्ट ने 2006 के बहुचर्चित निठारी कांड में आरोपी सुरेंद्र कोली को बरी करने के खिलाफ दायर की गई कुल 14 अपीलों को खारिज कर दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट की तरफ से दिए गए बरी करने के फैसले में कोई कानूनी गड़बड़ी या गलती नहीं है।

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SC dismisses 14 appeals against acquittals of accused Surendra Koli in 2006 Nithari serial killings case
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को 2006 के सनसनीखेज निठारी सीरियल हत्याकांड मामले में आरोपी सुरेंद्र कोली को बरी किए जाने के खिलाफ दायर 14 अपीलों को खारिज कर दिया। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की तरफ से सुरेंद्र कोली को बरी किए जाने के फैसले में कोई विकृति नहीं थी।
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सर्वोच्च न्यायालय ने क्या कहा?
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि जिस समय नाले से बच्चों के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों की अस्थियां बरामद हुईं थी, वह बरामदगी सुरेंद्र कोली के बयान के आधार पर नहीं की गई थी। ऐसे में यह कानूनी रूप से सबूत के तौर पर मान्य नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि जब तक पुलिस किसी आरोपी का बयान ठीक तरीके से दर्ज नहीं करती और उसके बाद बरामदगी कराई जाती है, तब तक वह बरामद सामान अदालत में सबूत नहीं माना जा सकता।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्या दिया था फैसला
इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पहले ही यह कहते हुए सुरेंद्र कोली को बरी कर दिया था कि केस में पर्याप्त और कानूनी रूप से मान्य सबूत नहीं हैं। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इसी निर्णय को सही ठहराया है।

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क्या है निठारी कांड?
साल 2006 में नोएडा के निठारी गांव में कई बच्चों और महिलाओं के गायब होने और बाद में उनके शवों के टुकड़े एक मकान के पास नाले से मिलने के बाद यह मामला सामने आया था। इस मामले में सुरेंद्र कोली और उसके मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली पर उत्तर प्रदेश के निठारी में अपने पड़ोस के लोगों, खासकर बच्चों, के साथ दुष्कर्म और हत्या का आरोप था। सुरेंद्र कोली को निचली अदालत ने 28 सितंबर, 2010 को मृत्युदंड सुनाया था।
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