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Supreme Court: ऑनलाइन टिकट वालों को दुर्घटना बीमा, ऑफलाइन यात्रियों से भेदभाव? अदालत ने रेलवे से मांगा जवाब
Thu, 27 Nov 2025 11:34 PM IST
शिवम गर्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Thu, 27 Nov 2025 11:34 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे से पूछा कि दुर्घटना बीमा सिर्फ ऑनलाइन टिकट यात्रियों को ही क्यों दिया जाता है। ऑफलाइन टिकट वालों को इससे बाहर क्यों रखा गया?
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल तस्वीर)
- फोटो : ANI
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय रेल से एक अहम सवाल पूछा है दुर्घटना बीमा कवर सिर्फ ऑनलाइन टिकट खरीदने वाले यात्रियों को ही क्यों दिया जाता है, जबकि ऑफलाइन टिकट लेने वाले लाखों यात्री इससे वंचित रहते हैं?
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दुर्घटना बीमा सिर्फ ऑनलाइन टिकट वालों
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ को बताया गया कि अभी तक यह सुविधा केवल ऑनलाइन टिकट बुक करने वालों तक सीमित है। रेलवे की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी से कोर्ट ने इस अंतर का कारण स्पष्ट करने के लिए निर्देश दिया।
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कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और यह समझना जरूरी है कि दोनों तरह से टिकट खरीदने वाले यात्रियों में भेदभाव क्यों किया जा रहा है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि बीमा जैसी मूलभूत सुरक्षा सभी यात्रियों के लिए समान होनी चाहिए।
बीमा संबंधी मुद्दे पर देना होगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट का भी संज्ञान लिया और कहा कि शुरुआत में रेलवे ट्रैक और क्रॉसिंग की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यहीं से अन्य सुधारों का रास्ता साफ होता है। इसके साथ ही कोर्ट ने रेलवे से पूरे तंत्र में सुधार की योजनाओं को जारी रखने को कहा। अब रेलवे को अगली सुनवाई यानी 13 जनवरी तक बीमा संबंधी मुद्दे पर विस्तृत जवाब देना होगा।