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जजों की नियुक्ति पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट, दागे सरकार पर सवाल

Sat, 13 Aug 2016 01:29 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 13 Aug 2016 01:29 AM IST
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SC seek govt whyfile stuck for appointment of new Judges
सीजेआई ठाकुर - फोटो : arjun sahu, amar ujala

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति और तबादले को लेकर न्यायपालिका और केंद्र सरकार के बीच चल रही तानातनी शुक्रवार को भरी अदालत में उजागर हो गयी। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर ने जजों की नियुक्ति और तबादले संबंधी कोलेजियम के फैसले को लेकर केंद्र सरकार के रवैये पर सख्त नाराजगी जाहिर की।

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न्यायमूर्ति ने अटार्नी जनरल से सीधा सवाल किया कि आखिर फाईलें अंटकी कहां है और सरकार को कोलेजियम के फैसले पर यकीन क्यूं नहीं। न्यायमूर्ति ने कहा कि कोलेजियम ने हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति और तबादले के लिए 75 नामों पर फैसला किया था। सरकार ने उसपर अपनी हामी क्यूं नहीं भरी।
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न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सरकार उन्हें इस मामले में कोई आदेश पारित करने पर मजबूर न करे। न्यायमूर्ति ठाकुर ने अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी से कहा कि हाईकोर्ट में जजों की 43 फीसदी जगह खाली पड़ी है।
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लंबित मामलों की संख्या 40 लाख तक पहुंच गई है। पूरा तंत्र ध्वस्त हो रहा है और सरकार इस बारे में फैसले नहीं ले रही। न्यामूर्ति ठाकुर यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि हम हालात को उस मुकाम पर नहीं ले जा सकते जहां सब कुछ ठप हो जाए। हमें बताईए फाईल कहां अंटकी है। 

नामों पर आपत्ति है तो फाईल वापस करे सरकार

SC seek govt whyfile stuck for appointment of new Judges
सुप्रीम कोर्ट

अगर सरकार को नाम पर आपत्ति है तो फाईल वापस करे, कोलेजियम उस पर फैसला करेगा। लेकिन सरकार फाईल पर बैठकर नाम के प्रस्तावों में देर नहीं कर सकती। यह मामला उठा जब मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर, न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति ए एम खनवीलकर के तीन सदस्यीय बेंच में मामलों की सुनवाई में देरी से संबंधित पीआईएल पर सुनवाई चल रही थी।

रोहतगी ने अदालत के गुजारिश  की कि वह इस मामले को शीर्ष स्तर पर उठाएंगे और अपना जवाब जल्द से जल्द देंगे। अदालत इस पीआईएल के मामले को फिलहाल कोई ना जाहिर करे।

गौरतलब है कि यह पीआईएल 1971 युद्ध में हिस्सा लेने वाले लेफ्टिनेंट कर्नल अनिल कबोत्रा ने दायर की है। कबोत्रा ने  सुप्रीम कोर्ट से अदालतों में लंबित मामलों और जजों की कमी को दूर करने के लिए सरकार और संबंधित विभागों को आदेश जारी करने की गुजारिश की है।    

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