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Air Pollution: 'स्कूल फिर से खोलने पर विचार करे CAQM', ग्रैप प्रतिबंधों में ढील देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
Mon, 25 Nov 2024 03:38 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 25 Nov 2024 03:38 PM IST
सार
Air Pollution: सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ग्रैप-4 के तहत लगे प्रतिबंधों से समाज के कई वर्ग, जैसे मजदूर और दिहाड़ी मजदूर, बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा, उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्यों से कहा कि निर्माण कार्यों पर लगे बैन के दौरान मजदूरों के लिए राहत के तौर पर उनके पास जमा लेबर सेस (मजदूर उपकर) का इस्तेमाल किया जाए।
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने राजधानी दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण के मद्देनजर ग्रैप प्रतिबंधों में ढील देने से साफ इनकार कर दिया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, जब तक एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) में लगातार सुधार नहीं दिखता, तब तक वह ग्रैप-3 या ग्रैप-2 से नीचे प्रतिबंध लगाने का आदेश नहीं दे सकता।
'मजदूरों को राहत के तौर पर मजदूर उपकर का करें इस्तेमाल'
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ग्रैप-4 के तहत लगे प्रतिबंधों से समाज के कई वर्ग, जैसे मजदूर और दिहाड़ी मजदूर, बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा, उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्यों से कहा कि निर्माण कार्यों पर लगे बैन के दौरान मजदूरों के लिए राहत के तौर पर उनके पास जमा लेबर सेस (मजदूर उपकर) का इस्तेमाल किया जाए।
'स्कूल फिर से खोलने पर विचार करे CAQM'
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) से स्कूलों और कॉलेजों में शारीरिक कक्षाएं फिर से शुरू करने पर विचार करने को कहा, क्योंकि कई छात्रों के पास ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने के लिए मध्याह्न भोजन और बुनियादी ढांचे की कमी है। जस्टिस अभय एस ओका और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्रों के पास घर पर एयर प्यूरीफायर नहीं हैं और इसलिए घर पर रहने वाले बच्चों और स्कूल जाने वाले बच्चों के बीच कोई अंतर नहीं हो सकता है।
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दिल्ली-एनसीआर के वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ है, लेकिन कई इलाकों में एक्यूआई 300 के ऊपर दर्ज किया गया है। प्रदूषण के कारण बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रखे गए हैं और ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रैप-4 प्रतिबंध विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी में गैर-आवश्यक सामान ले जाने वाले ट्रकों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने से संबंधित हैं। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी ग्रैप को पहली बार 2017 में लागू किया गया था, जो स्थिति की गंभीरता के अनुसार राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण विरोधी उपायों का एक सेट था।
क्या है वायु गुणवत्ता इंडेक्स के मानक?
एक्यूआई 0-50 के बीच 'अच्छा', 51-100 के बीच 'संतोषजनक', 101-200 के बीच 'मध्यम', 201-300 के बीच 'खराब', 301-400 के बीच 'बहुत खराब' और 401-500 के बीच 'गंभीर' श्रेणी में माना जाता है।
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'मजदूरों को राहत के तौर पर मजदूर उपकर का करें इस्तेमाल'
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ग्रैप-4 के तहत लगे प्रतिबंधों से समाज के कई वर्ग, जैसे मजदूर और दिहाड़ी मजदूर, बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा, उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्यों से कहा कि निर्माण कार्यों पर लगे बैन के दौरान मजदूरों के लिए राहत के तौर पर उनके पास जमा लेबर सेस (मजदूर उपकर) का इस्तेमाल किया जाए।
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'स्कूल फिर से खोलने पर विचार करे CAQM'
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) से स्कूलों और कॉलेजों में शारीरिक कक्षाएं फिर से शुरू करने पर विचार करने को कहा, क्योंकि कई छात्रों के पास ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने के लिए मध्याह्न भोजन और बुनियादी ढांचे की कमी है। जस्टिस अभय एस ओका और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्रों के पास घर पर एयर प्यूरीफायर नहीं हैं और इसलिए घर पर रहने वाले बच्चों और स्कूल जाने वाले बच्चों के बीच कोई अंतर नहीं हो सकता है।
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दिल्ली-एनसीआर के वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ है, लेकिन कई इलाकों में एक्यूआई 300 के ऊपर दर्ज किया गया है। प्रदूषण के कारण बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रखे गए हैं और ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रैप-4 प्रतिबंध विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी में गैर-आवश्यक सामान ले जाने वाले ट्रकों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने से संबंधित हैं। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी ग्रैप को पहली बार 2017 में लागू किया गया था, जो स्थिति की गंभीरता के अनुसार राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण विरोधी उपायों का एक सेट था।
क्या है वायु गुणवत्ता इंडेक्स के मानक?
एक्यूआई 0-50 के बीच 'अच्छा', 51-100 के बीच 'संतोषजनक', 101-200 के बीच 'मध्यम', 201-300 के बीच 'खराब', 301-400 के बीच 'बहुत खराब' और 401-500 के बीच 'गंभीर' श्रेणी में माना जाता है।
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