सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के नौ नए जिलों में स्थानीय निकाय चुनाव पर लगाई रोक
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उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि तमिलनाडु में स्थानीय निकाय के चुनाव पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार 27 और 30 दिसंबर को करवाए जा सकते हैं। हालांकि अदालत ने नौ नवगठित जिलों में चुनाव कराए जाने पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि तमिलनाडु के इन नौ जिलों में जितनी जल्दी हो सके परिसीमन प्रक्रिया का आयोजन किया जाए और वहां स्थानीय निकाय चुनाव भी चार महीने के भीतर कराए जाएं। ये नवगठित जिले चार जिलों को विभाजित कर बनाए गए हैं।
The Supreme Court also directed that delimitation process be conducted in these nine districts of Tamil Nadu as soon as possible and local body elections be held there too within four months. https://t.co/8SpPZfjfeA
— ANI (@ANI) December 6, 2019विज्ञापन
प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे के नेतृत्व वाली पीठ ने तमिलनाडु सरकार के इस सुझाव पर विचार किया कि वह नए सिरे से परिसीमन और महिलाओं तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षण जैसी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए नौ जिलों में स्थानीय निकाय चुनाव को स्थगित करना चाहती है।
न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की भी भगीदारी वाली पीठ ने कहा, 'तमिलनाडु के शेष नौ जिलों में चुनाव कराने पर कोई कानूनी रोक नहीं होगी।' इसने तमिलनाडु राज्य निर्वाचन आयोग को परिसीमन और अन्य औपचारिकताएं नए सिरे से कराने तथा इसे चार महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।
पीठ ने यह भी कहा कि दक्षिणी राज्य में शेष जिलों में स्थानीय निकाय चुनाव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने सोमवार को घोषणा की थी कि तमिलनाडु में स्थानीय निकाय चुनाव औपचारिकताओं के अनुपालन के बिना दो चरणों में 27 और 30 दिसंबर को होगा।