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सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवा बहाली पर सुरक्षित रखा अपना आदेश
Mon, 04 May 2020 02:56 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Mon, 04 May 2020 02:56 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवा शुरू करने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। जस्टिन रमन्ना ने कहा, 'हम सभी मुद्दों पर विचार कर रहे हैं। हमें इस मामले में किसी भी अतिरिक्त सामग्री की आवश्यकता नहीं है।'
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Supreme Court reserves order on hearing a number of petitions seeking restoration of 4G internet service in Jammu and Kashmir. Justice Ramana, said,we are taking into consideration all the issues. Don't require any additional materials in the case. pic.twitter.com/D9LBDZfUeD
— ANI (@ANI) May 4, 2020विज्ञापन
इससे पहले मामले पर शुक्रवार को सुनवाई हुई थी। जिसमें जम्मू कश्मीर प्रशासन ने हलफनामा दायर करके सेवा बहाली का विरोध करते हुए कहा था कि जम्मू कश्मीर के भीतर सक्रिय आतंकी माड्यूल और सीमा पार बैठे उनके आका फर्जी खबरें प्रसारित करके लोगों को भड़का रहे हैं।
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प्रशासन ने हलफनामे में कहा था कि आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने और भड़काऊ सामग्री, विशेष रूप से फर्जी खबरों तथा फोटो और वीडियो क्लिप के प्रसारण से लोगों को उकसाने के लिए इंटरनेट सेवा के दुरूपयोग की आशंका है जो सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा है।
हलफनामें में यह भी कहा गया था कि कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि वाले मामलों की संख्या और मृत्यु के बारे में अनेक अफवाहें फैला कर अराजकता और दहशत फैलाई गई है। इसी तरह जम्मू-कश्मीर में आल पार्टी हुर्रियत के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी जैसे प्रमुख लोगों के स्वास्थ्य और मकबूल भट, अफजल गुरू की बरसी के अवसर पर जेकेएलएफ द्वारा बंद तथा गणतंत्र दिवस को काले दिन के रूप में मनाने के बारे में भी फर्जी खबरें फैलाई गई हैं।