निर्वाचन आयोग को अधिक स्वायत्ता देने के मुद्दे पर चार सप्ताह बाद सुनवाई
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उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति तीन सदस्यीय कॉलेजियम द्वारा करने के लिए दायर जनहित याचिका पर चार सप्ताह बाद सुनवाई की जाएगी। जनहित याचिका में कहा गया है कि कॉलेजियम में प्रधानमंत्री, लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता और प्रधान न्यायाधीश शामिल होंगे।
प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सूर्य कांत की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने याचिकाकर्ता अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय के कथन का संज्ञान लिया और कहा कि इस पर शीघ्र सुनवाई की आवश्यकता है। पीठ ने कहा कि हम इसे चार सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करेंगे।
भाजपा नेता और अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने इस जनहित याचिका में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के कार्यालय और चुनाव आयुक्तों के लिए अधिक स्वायत्ता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
याचिका में निर्वाचन आयोग के लिए एक स्वतंत्र सचिवालय बनाने और आयोग को अपने नियम तैयार करने का अधिकार देने का भी अनुरोध किया गया है।
Supreme Court today refused to give an urgent hearing to a mentioning by lawyer & BJP leader, Ashwini Upadhyay, seeking a direction for the appointment of Election Commissioners in the Election Commission of India by a collegium consisting of PM, Leader of Opposition & others. pic.twitter.com/xmGtfL5YLF
— ANI (@ANI) December 3, 2019