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सुप्रीम कोर्ट: दिवाली के दौरान पटाखों के इस्तेमाल को लेकर दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका खारिज
Fri, 18 Feb 2022 09:21 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 18 Feb 2022 09:21 PM IST
सार
पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए एफआईआर को रद्द करने वाली ऐसी कोई राहत नहीं दी जा सकती है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : social media
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिवाली के दौरान पटाखों के इस्तेमाल को लेकर दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि प्राथमिकी रद्द करने के लिए जनहित याचिका कैसे दायर की जा सकती है। यह याचिका भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत देश के सभी राज्यों द्वारा ग्रीन पटाखे बेचने, खरीदने या फोड़ने के संबंध में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने के लिए दायर की गई है।
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पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए एफआईआर को रद्द करने वाली ऐसी कोई राहत नहीं दी जा सकती है। यदि कोई आरोपी उस मामले में व्यथित है, तो वह उच्च न्यायालय या न्यायालय के सामने उचित कार्यवाही शुरू कर सकता है। शीर्ष अदालत संजीव नेवार और अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दिवाली पर ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल करने के लिए उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की गई थी।
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याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि शीर्ष अदालत ने 29 अक्टूबर, 2021 को अपने आदेश में यह स्पष्ट किया था कि पटाखों पर कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं है और ग्रीन पटाखों के उपयोग की अनुमति थी।
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