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लोया केस के मुख्य याचिकाकर्ता बोले- जुडिशरी जजों की बात सुने, हमें न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 13 Jan 2018 08:24 PM IST
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जस्टिस लोया केस के मुख्य याचिकाकर्ता व कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने जिन मुद्दों को उठाया है उनपर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
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न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में पूनावाला ने कहा 'मैं जस्टिस लोया केस का मुख्य याचिकाकर्ता हूं। मुझे हमारी न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है, लेकिन यह भी साफ कर देना चाहता हूं कि चार जजों को जुडिशरी को गंभीरतापूर्वक लेना चाहिए।'
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बता दें कि चार जजों ने पिछले दो महीने के बिगड़े हालातों पर अपनी बात रखने के लिए प्रेस का सहारा लिया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था ठीक नहीं चल रही है। जजों का इशारा सीधे-सीधे चीफ जस्टिस की ओर था।
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सुप्रीम कोर्ट ने मांगी जस्टिस लोया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट
विशेष सीबीआई जस्टिस लोया की तथाकथित संदिग्ध मौत को गंभीर मामला बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार से पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगी है। जस्टिस लोया सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे थे। सोमवार को मामले की अगली सुनवाई होगी। जस्टिस अरुण मिश्रा और एमएम शांतनागोदार की पीठ ने कहा कि यह गंभीर मामला है।
महाराष्ट्र सरकार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज 15 जनवरी तक जमा करे। बांबे लायर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि दुष्यंत देव ने अदालत में कहा कि हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई कर रहा है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट इसकी सुनवाई न करे। इस पर बेंच ने कहा कि वह बताएं कि अदालत इस कोर्ट की सुनवाई क्यों न करे। इस पर देव ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई करेगा तो हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई में उलझाव होगा।
अदालत में मौजूद एक अन्य वकील इंदिरा जय सिंह ने कहा कि बांबे लायर्स एसोसिएशन ने उन्हें निर्देश दिया है कि वे अदालत से गुहार लगाएं कि सुप्रीम कोर्ट इस केस की सुनवाई न करे। इस मामले में हाईकोर्ट पहले ही दो आदेश पारित कर चुका है। एक नोटिस जारी करने संबंधित और दूसरा 23 जनवरी के लिए इसकी लिस्टिंग करके। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हम देखेंगे। आपकी आपत्तियों पर विचार करेंगे। यह गंभीर मामला है।