{"_id":"5b7a6fb642c792463a2e47db","slug":"sc-issues-notice-to-up-government-in-connection-with-speech-given-by-yogi-adityanath-in-2007","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा- योगी आदित्यनाथ पर मुकदमा क्यों नहीं चलना चाहिए?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा- योगी आदित्यनाथ पर मुकदमा क्यों नहीं चलना चाहिए?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 20 Aug 2018 01:27 PM IST
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को एक नोटिस जारी किया है। यह नोटस योगी आदित्यनाथ द्वारा 2007 में दिए गए एक भड़काऊ भाषण को लेकर जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार से पूछा है कि योगी द्वारा 2007 में दिए गए घृणास्पद भाषण के लिए उनपर मुकदमा क्यों नहीं चलना चाहिए?
बता दें कि इस मामले में मुकदमा रद्द करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने चार हफ्ते के भीतर सरकार से जवाब मांगा है। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार के फैसले पर मुहर लगाई थी। इसलिए यूपी सरकार ने केस चलाने की कानूनी कार्रवाई के लिए इजाजत नहीं दी थी।
विज्ञापन
मालूम हो कि 2007 में गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ के एक भाषण के बाद दंगा हो गया था। दंगे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। 2008 में मोहम्मद असद हयात और परवेज ने दंगों में हुई मौत के बाद सीबीआई जांच को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिसमें योगी द्वारा दिए गए भड़काऊ भाषण को दंगे की वजह बताया गया था। इसके बाद योगी आदित्यनाथ की गिरफ्तारी भी हुई थी। इस दौरान उन्हें 11 दिनों की पुलिस कस्टडी में भी रखा गया था।
विज्ञापन
Supreme Court issues notice to Uttar Pradesh government in connection with a speech given by Yogi Adityanath in 2007, asked govt to reply as to why he should not be prosecuted for allegedly giving a hate speech in 2007? pic.twitter.com/z2puUmxwbQ
— ANI UP (@ANINewsUP) August 20, 2018विज्ञापन
बता दें कि इस मामले में मुकदमा रद्द करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने चार हफ्ते के भीतर सरकार से जवाब मांगा है। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार के फैसले पर मुहर लगाई थी। इसलिए यूपी सरकार ने केस चलाने की कानूनी कार्रवाई के लिए इजाजत नहीं दी थी।
विज्ञापन
मालूम हो कि 2007 में गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ के एक भाषण के बाद दंगा हो गया था। दंगे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। 2008 में मोहम्मद असद हयात और परवेज ने दंगों में हुई मौत के बाद सीबीआई जांच को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिसमें योगी द्वारा दिए गए भड़काऊ भाषण को दंगे की वजह बताया गया था। इसके बाद योगी आदित्यनाथ की गिरफ्तारी भी हुई थी। इस दौरान उन्हें 11 दिनों की पुलिस कस्टडी में भी रखा गया था।