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सुप्रीम कोर्ट: उत्तराखंड सरकार को निर्देश, जंगल की आग रोकने के लिए अगले सीजन से पहले करें व्यवस्थाएं दुरुस्त
Wed, 24 Jul 2024 05:29 AM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मेघा झा
Updated Wed, 24 Jul 2024 05:29 AM IST
सार
उत्तराखंड सरकार को शीर्ष अदालत ने सुनाई खरी-खरी। शीर्ष अदालत ने कहा अगले सीजन से पहले आपको सब कुछ दुरुस्त करना होगा। पीठ ने गौर किया कि उत्तराखंड में जंगल की आग से संबंधित मुकदमा प्रतिकूल नहीं था।
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अदालत (सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि अधिकारियों को उत्तराखंड में जंगल की आग को रोकने के लिए अगले सीजन से पहले सब कुछ ठीक कर लेना चाहिए, जिनमें से अधिकांश मानव निर्मित हैं। अदालत ने इसके साथ ही मामले को सितंबर में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।
जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ उत्तराखंड में जंगल की आग से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही थी। शीर्ष अदालत ने 17 मई को कहा था कि कीमती जंगलों को आग के खतरों से बचाया जाना चाहिए। पीठ ने गौर किया कि उत्तराखंड में जंगल की आग से संबंधित मुकदमा प्रतिकूल नहीं था। पीठ ने कहा, फिलहाल कुछ नहीं है लेकिन अगले सीजन से पहले आपको सब कुछ दुरुस्त करना होगा। साथ ही कहा कि पहाड़ी राज्य में बारिश शुरू हो गई है।
अच्छी तस्वीर पेश की पर चार वनरक्षक मारे गए...
अदालत ने कहा, हमारे सामने (पिछली सुनवाई के दौरान) बहुत अच्छी तस्वीर पेश की गई और एक हफ्ते के भीतर, हमने अखबारों में पढ़ा कि जंगल की आग में चार वन रक्षकों की मौत हो गई। एक वकील ने 17 मई के आदेश का हवाला दिया, जिसमें सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलील पर गौर किया गया था कि वह खुद, राज्य के मुख्य सचिव, न्याय मित्र, केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति के प्रतिनिधि और जंगल की आग के मुद्दे पर आवेदन दायर करने वाले वरिष्ठ वकील राजीव दत्ता एक साथ बैठकर समाधान निकालेंगे। वकील ने कहा कि बैठकें पहले ही हो चुकी हैं और अगस्त में कुछ और बैठकें होनी हैं।
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जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ उत्तराखंड में जंगल की आग से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही थी। शीर्ष अदालत ने 17 मई को कहा था कि कीमती जंगलों को आग के खतरों से बचाया जाना चाहिए। पीठ ने गौर किया कि उत्तराखंड में जंगल की आग से संबंधित मुकदमा प्रतिकूल नहीं था। पीठ ने कहा, फिलहाल कुछ नहीं है लेकिन अगले सीजन से पहले आपको सब कुछ दुरुस्त करना होगा। साथ ही कहा कि पहाड़ी राज्य में बारिश शुरू हो गई है।
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अच्छी तस्वीर पेश की पर चार वनरक्षक मारे गए...
अदालत ने कहा, हमारे सामने (पिछली सुनवाई के दौरान) बहुत अच्छी तस्वीर पेश की गई और एक हफ्ते के भीतर, हमने अखबारों में पढ़ा कि जंगल की आग में चार वन रक्षकों की मौत हो गई। एक वकील ने 17 मई के आदेश का हवाला दिया, जिसमें सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलील पर गौर किया गया था कि वह खुद, राज्य के मुख्य सचिव, न्याय मित्र, केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति के प्रतिनिधि और जंगल की आग के मुद्दे पर आवेदन दायर करने वाले वरिष्ठ वकील राजीव दत्ता एक साथ बैठकर समाधान निकालेंगे। वकील ने कहा कि बैठकें पहले ही हो चुकी हैं और अगस्त में कुछ और बैठकें होनी हैं।
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