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विनोद दुआ की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गैर-कामकाजी दिवस पर सुनवाई की
Sun, 14 Jun 2020 03:34 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Sun, 14 Jun 2020 03:34 PM IST
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वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter
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उच्चतम न्यायालय ने पत्रकार विनोद दुआ की देशद्रोह का मामला रद्द करने की मांग करने वाली याचिका पर रविवार को सुनवाई की और इस तरह से यह उन कुछ मामलों में से एक है जब शीर्ष अदालत ने किसी मामले पर सुनवाई के लिए गैर-कामकाजी दिवस पर अपने दरवाजे खोले।
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न्यायालय ने एक विशेष सुनवाई में आदेश दिया कि दुआ के यूट्यूब शो को लेकर हिमाचल प्रदेश में उनके खिलाफ दर्ज देशद्रोह के मामले में उन्हें छह जुलाई तक गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा कि दुआ को जांच में शामिल होना पड़ेगा और हिमाचल प्रदेश पुलिस की ओर से चल रही जांच पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी।
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न्यायमूर्ति यूयू ललित, न्यायमूर्ति एमएम शांतानागौडर और न्यायमूर्ति विनीत सरण की पीठ ने देशद्रोह के मामले को रद्द करने की मांग वाली दुआ की याचिका पर केंद्र और हिमाचल प्रदेश सरकार को नोटिस भेजा तथा दो सप्ताह में जवाब देने को कहा। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब शीर्ष अदालत ने किसी मामले पर गैर-कामकाजी दिवस पर सुनवाई की है।
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पिछले वर्ष, ऐसा चार बार हुआ था जब न्यायालय ने गैर-कामकाजी दिवसों के दिन विशेष सुनवाई की थी। बीते 24 नवंबर को, रविवार के दिन शीर्ष अदालत ने शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन की याचिका पर सुनवाई की थी जिसमें दलों ने भाजपा के देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के महाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले को रद्द करने की मांग की थी।
शीर्ष अदालत ने नौ नवंबर को, शनिवार के दिन अयोध्या मामले पर सुनवाई कर 2.77 एकड़ भूमि राम लला को देने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। इससे पहले सात अक्तूबर को रविवार के ही दिन न्यायालय ने मुंबई के आरे कॉलोनी में पेड़ काटने के मामले पर सुनवाई की थी।
एक अन्य मामले में, 20 अप्रैल को शनिवार के दिन न्यायालय ने शीर्ष अदालत की पूर्व कर्मचारी द्वारा तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने के मामले में सुनवाई की थी।