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सुप्रीम कोर्ट: 42 साल पुराने हत्या के मामले में आरोपी की अर्जी खारिज, पांच आरोपियों की हो चुकी है मौत 

Wed, 02 Mar 2022 08:11 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Wed, 02 Mar 2022 08:11 PM IST
सार

1980 के इस मामले में निचली अदालत ने अपीलकर्ता कर्ण सिंह और पांच अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

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SC dismisses appeal against HC verdict in murder case of 1980
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

लगभग 42 साल पुराने मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा एक आरोपी बुधवार को राहत पाने में विफल रहा क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली उसकी अपील को खारिज कर दिया। इस मामले में एक भैंस के लिए पैसे के भुगतान पर एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। हाई कोर्ट ने जुलाई 2018 में निचली अदालत के अगस्त 1983 के फैसले के खिलाफ उनकी अपील खारिज कर दी थी, जिसने उसे और पांच अन्य को हत्या के मामले में दोषी ठहराया था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जब अपील हाई कोर्ट में लंबित थी, छह में से पांच आरोपियों की मौत हो गई थी।

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आरोपी की अपील खारिज
शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ आरोपी द्वारा दायर अपील को खारिज करते हुए कहा कि हाई कोर्ट द्वारा उसकी अपील को खारिज करने के बाद अपीलकर्ता को 9 सितंबर, 2019 को हिरासत में लिया गया था। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने हाई कोर्ट के जुलाई 2018 के फैसले के खिलाफ अपील पर फैसला सुनाया। पीठ ने कहा कि हमें निचली अदालत और हाई कोर्ट के निष्कर्षों में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं मिला, इसलिए अपील खारिज की जाती है। निचली अदालत ने मामले में अपीलकर्ता कर्ण सिंह और पांच अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, शिकायतकर्ता द्वारा अप्रैल 1980 में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि एक व्यक्ति ने अपने बड़े भाई ब्रह्मपाल सिंह से 1900 रुपये की कीमत पर एक भैंस खरीदी थी। उसने दावा किया कि खरीदार ने सिंह को भैंस की कीमत चुकाने का वादा किया था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि बाद में शिकायतकर्ता, सिंह और अन्य ने खरीदार से अपना कर्ज चुकाने के लिए कहा, लेकिन उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उन पर गोलियां चला दीं। फायरिंग की घटना में ब्रह्मपाल सिंह की मौत हो गई। 

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