{"_id":"6343e0cb2b7afd4d465e8eb5","slug":"sc-dismissed-petition-against-political-parties-to-publish-criminal-records-of-candidates","type":"story","status":"publish","title_hn":"SC: राजनीतिक दलों के खिलाफ याचिका खारिज, वेबसाइट पर प्रत्याशियों का आपराधिक रिकॉर्ड प्रकाशित करने की थी मांग","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
SC: राजनीतिक दलों के खिलाफ याचिका खारिज, वेबसाइट पर प्रत्याशियों का आपराधिक रिकॉर्ड प्रकाशित करने की थी मांग
Mon, 10 Oct 2022 02:37 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Mon, 10 Oct 2022 02:37 PM IST
सार
वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर याचिका में भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि प्रत्येक नेता वेबसाइट के अलावा इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और सोशल मीडिया पर जानकारियां प्रकाशित करे।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
उच्चतम न्यायालय ने सभी राजनीतिक दलों को अपनी आधिकारिक वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर उम्मीदवारों के चुनाव की वजह बताने के साथ उनके आपराधिक मामलों की जानकारियां प्रकाशित करने के संबंध में निर्वाचन आयोग को निर्देश देने का अनुरोध करने वाली याचिका सोमवार को खारिज कर दी।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति अभय एस ओका ने याचिकाकर्ता को निर्वाचन आयोग के समक्ष याचिका दायर करने के लिए कहा। पीठ ने कहा, ‘‘यह याचिका दायर करने के लिए उचित स्थान नहीं है। मुझे लगता है कि यह याचिका गलत है। इस याचिका में इस अदालत के पूर्व फैसले को लागू करने की मांग की गयी है। याचिकाकर्ता निर्वाचन आयोग का रुख कर सकता है। याचिका खारिज की जाती है।’’
विज्ञापन
वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर याचिका में भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि प्रत्येक नेता वेबसाइट के अलावा इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और सोशल मीडिया पर जानकारियां प्रकाशित करे और इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाली पार्टी के अध्यक्ष के खिलाफ अवमानना का मुकदमा दायर किया जाए।
विज्ञापन
याचिका में दावा किया गया है कि समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा उत्तर प्रदेश के कैराना विधानसभा क्षेत्र से कथित गैंगस्टर नाहिद हसन को प्रत्याशी बनाने के बाद यह याचिका दायर की गयी है। इसमें कहा गया है कि पार्टी ने न तो हसन के आपराधिक रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट या सोशल मीडिया पर प्रकाशित किए और न ही उन्हें प्रत्याशी बनाने की वजह बतायी।