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SC: बच्चे को रूस ले गई मां, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा- पिता को वर्चुअली बच्चे से मिलवाने की कोशिश करें

Mon, 09 Mar 2026 09:15 PM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Mon, 09 Mar 2026 09:15 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने एक पिता की याचिका पर केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वो उसे उसके बच्चे से ऑनलाइन बातचीत कराने का प्रबंध करें। दरअसल, रूसी महिला बच्चे के साथ नेपाल के रास्ते होते हुए शारजाह से रूस भाग गई है। जिसके बाद पीड़ित पिता ने शीर्ष कोर्ट के सामने गुहार लगाई थी।

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SC asks Centre to make efforts to connect Indian father with child taken to Russia by mother
Supreme Court - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह कोशिश करे कि एक भारतीय पिता को उसकी नाबालिग बेटी से ऑनलाइन तरीके से जोड़ने की व्यवस्था की जाए। यह बच्ची अपनी रूसी मां के साथ रूस चली गई है और फिलहाल दोनों का सही ठिकाना पता नहीं चल पाया है। यह मामला एक कस्टडी विवाद से जुड़ा है। रूसी महिला अपने भारतीय पति से अलग रह रही थी और दोनों के बीच बच्चे की देखभाल को लेकर लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही है। इसी दौरान महिला अपनी बेटी को लेकर भारत से निकलकर रूस पहुंच गई।
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पीठ ने केंद्र सरकार को दिए यह निर्देश
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमल्या बागची की पीठ ने कहा कि अभी महिला और बच्चे के ठिकाने की जानकारी सार्वजनिक न की जाए और फिलहाल उन्हें भारत वापस लाने की कोशिश भी न की जाए। अदालत ने कहा कि कूटनीतिक स्तर पर प्रयास करके पिता और बच्चे के बीच वर्चुअल संपर्क स्थापित करने की कोशिश की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि रूस में मौजूद भारतीय दूतावास वहां की सरकार से संपर्क करके महिला और बच्चे का पता लगाने की कोशिश करे, ताकि कम से कम पिता और बच्चे के बीच बातचीत कराई जा सके।
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मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि बच्चे का पता लगाने के लिए कई कोशिशें की गईं। भारत और रूस के विदेश सचिवों के बीच बातचीत भी हुई और इंटरपोल का ब्लू कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।


एक्स-1 वीजा पर भारत आई थी रूसी महिला
महिला 2019 से भारत में रह रही थी और एक्स-1 वीजा पर आई थी। उसका वीजा खत्म हो चुका था, लेकिन मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उसका वीजा समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा। पिछले साल 21 जुलाई को अदालत को बताया गया था कि महिला अपनी बेटी के साथ नेपाल सीमा के रास्ते भारत से निकल गई और संभव है कि वह शारजाह के रास्ते रूस पहुंची हो। उस समय सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना को अदालत की अवमानना बताते हुए गंभीर चिंता जताई थी।

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सुप्रीम कोर्ट ने मई 2025 में क्या दिया था आदेश?
बच्ची के पिता का कहना है कि उनकी पत्नी अदालत के आदेशों का पालन नहीं कर रही है और उन्हें अपनी बेटी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 17 जुलाई को दिल्ली पुलिस को बच्ची को तुरंत तलाशने का आदेश दिया था और केंद्र सरकार से महिला और बच्चे के खिलाफ लुक-आउट नोटिस जारी करने को भी कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने 22 मई 2025 को आदेश दिया था कि बच्ची की देखभाल तीन दिन (सोमवार, मंगलवार और बुधवार) मां के पास रहेगी, जबकि बाकी दिनों में बच्ची अपने पिता के पास रहेगी। लेकिन बाद में मां बच्ची को लेकर देश से बाहर चली गई, जिससे पूरा मामला और जटिल हो गया।

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