सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से 36 राफेल विमान की कीमत बताने को कहा
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 36 राफेल विमानों की कीमत बताने को कहा है। अदालत ने 10 दिनों के अंदर सीलबंद लिफाफे में कीमत की जानकारी देने को कहा है। साथ ही शीर्ष अदालत ने सौदे से जुड़े भारतीय ऑफसेट साझेदार का ब्योरा कोर्ट और याचिकाकर्ताओं को मुहैया कराने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 14 नवंबर को होगी।
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 36 राफेल विमानों की कीमत बताने को कहा है। अदालत ने 10 दिनों के अंदर सीलबंद लिफाफे में कीमत की जानकारी देने को कहा है। साथ ही शीर्ष अदालत ने सौदे से जुड़े भारतीय ऑफसेट साझेदार का ब्योरा कोर्ट और याचिकाकर्ताओं को मुहैया कराने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 14 नवंबर को होगी।
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ ने सरकार को फ्रांस से खरीदे जा रहे विमान की कीमत बताने को कहा, तो केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा कि राफेल की कीमत तो संसद के साथ भी साझा नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि सभी जानकारी नहीं दी जा सकती, क्योंकि कुछ जानकारी गोपनीयता कानून के दायरे में आती हैं। इस पर पीठ ने कहा कि यदि वह कीमत नहीं बताना चाहते तो हलफनामा दाखिल करें। पीठ ने कहा कि किसी भी याचिकाकर्ता ने राफेल की उपयोगिता और उसकी क्षमता पर सवाल नहीं उठाए हैं, लेकिन उनका जो सवाल है वह सौदे के बारे में निर्णय की प्रक्रिया को लेकर है।
सरकार द्वारा दायर रिपोर्ट पर गौर करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा कि वह गोपनीय और रणनीतिक महत्व की जानकारी को छोड़ कर सौदे पर निर्णय प्रक्रिया के ब्योरे को सार्वजनिक करे। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं को वही जानकारी दी जाए, जिन्हें सार्वजनिक किया जा सकता हो।
सीबीआई को पहले अपना घर तो ठीक करने दीजिए
‘चुनाव हैं तो क्या हमें सुनवाई रोक देनी चाहिए’
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता वकील एमएल शर्मा ने कोर्ट से गुहार लगाई कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, लिहाजा सुनवाई चुनाव के बाद तक के लिए टाल दी जाए। इस पर पीठ ने कहा, ‘चुनाव से हमारा क्या लेना-देना। क्या चुनाव हो रहे हैं इसलिए अदालत को सुनवाई रोक देनी चाहिए? हमारे लिए यह महज एक केस है।’
आप कौन, हम सभी को इस मामले में नहीं सुन सकते’
राफेल मामले में याचिका दायर करने वाले आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह की ओर से पेश वकील धीरज सिंह से सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, ‘आप कौन हैं, इसमें आपकी क्या दिलचस्पी है। हम सभी को इस मामले में नहीं सुन सकते।’