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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने नवजात की हत्या की दोषी महिला को किया बरी, कहा- अपराध का कोई ठोस सबूत नहीं

Sun, 22 Oct 2023 04:45 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 22 Oct 2023 04:45 PM IST
सार

Supreme Court: शीर्ष अदालत ने कहा कि महिला पर बिना किसी ठोस सबूत के दोष लगाया गया है। शीर्ष अदालत ने कहा, महिला और तालाब में पाए गए मृत बच्चे के बीच किसी भी प्रकार का कोई संबंध स्थापित नहीं किया जा सका है। 

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SC acquits woman accused of killing her newborn child, says no conclusive proof against her
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सर्वोच्च न्यायालय ने नवजात बच्चे की हत्या के मामले में निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराई गई एक महिला को यह कहते हुए बरी कर दिया कि उसका अपराध साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है। शीर्ष अदालत ने कहा कि किसी को उम्रकैद की सजा सुनाने के लिए निर्णायक सबूत की आवश्यकता होती है। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति संजय करोल की पीठ ने कहा, एक महिला पर बिना किसी उचित सबूत के बच्चे की हत्या करने का दोष मढ़ना सांस्कृतिक रूढ़ियों और लैंगिक पहचान को मजबूत करता है। 

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अदालत ने कहा, निजता के अधिकार का उल्लंघन नहीं किया जा सकता है। दुर्भाग्य से, नीचे की दोनों अदालतों द्वारा अपनाए गए दृष्टिकोण और अपनाई गई भाषा अपीलकर्ता के इस तरह के अधिकार को बर्बाद कर देती है। यह स्पष्ट है कि महिला पर बिना किसी ठोस आधार के दोष लगाया गया है। शीर्ष अदालत ने कहा, महिला और तालाब में पाए गए मृत बच्चे के बीच किसी भी प्रकार का कोई संबंध स्थापित नहीं किया जा सका है। 

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उच्चतम न्यायालय ने कहा, निष्कर्ष केवल इस आधार पर निकाला गया है कि दोषी-अपीलकर्ता एक महिला थी जो अकेली रह रही थी और गर्भवती थी (जैसा कि सीआरपीसी की धारा 313 के तहत बयान में स्वीकार किया गया है)। अदालत ने आगे कहा कि बच्चा पैदा करना है या न करना या गर्भपात कराना, यह फैसला करना पूरी तरह से महिला की निजता के दायरे में है।

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शीर्ष अदालत ने कहा, यह रिकॉर्ड का विषय है कि किसी भी गवाह ने दोषी-अपीलकर्ता को मृतक बच्चे को गढ्ढे में फेंकते नहीं देखा है। जैसा कि अब तक देखा गया है कि अभियोजन पक्ष द्वारा किसी भी प्रकृति का कोई निर्णायक सबूत पेश नहीं किया है और दोषी के बयान पर संदेह करने के लिए कोई सबूत नहीं है।

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