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यस बैंक को बचाने के लिए 24 घंटे काम कर रही एसबीआई टीम

Sun, 08 Mar 2020 03:05 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 08 Mar 2020 03:05 AM IST
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SBI team working for 24 hours to save Yes Bank
Yes Bank and SBI

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के प्रमुख रजनीश कुमार ने शनिवार को कहा कि संकटग्रस्त यस बैंक के पुनर्गठन के लिए जिस योजना का मसौदा मिला है, उसका एसबीआई की निवेश और कानूनी टीम सावधानी से अध्ययन कर रही है। देश के सबसे बडे़ बैंक के प्रमुख कुमार ने खाताधारकों को भरोसा देते हुए एसबीआई प्रमुख ने कहा, घबराने के जरूरत नहीं है।

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यस बैंक खाताधारकों का पैसा सुरक्षित है। ग्राहकों के पैसे को कोई नुकसान नहीं है। कुछ दिनों में ही खाताधारकों का संकट दूर हो जाएगा।

रजनीश कुमार ने कहा, यस बैंक के हालात से सभी वाकिफ हैं। रिजर्व बैंक के पुनर्गठन मसौदा प्रस्ताव पर हमारी निवेश और कानूनी टीम 24 घंटे दिन-रात काम कर रही है। एसबीआई बोर्ड ने यस बैंक में 49 फीसदी की हिस्सेदारी लेने के लिए अपनी सहमति जताई है। एसबीआई ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया है कि भारतीय स्टेट बैंक यस बैंक में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने पर विचार कर रहा है।
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पहले चरण में 2450 करोड़ का निवेश किया जाएगा। उन्होंने कहा, फिलहाल यस बैंक को 20 हजार करोड़ की जरूरत है। फिलहाल उसमें रुपये 2450 करोड़ के निवेश की योजना बनाई गई है। कुमार ने कहा, मैंने पहले से ही (निवेश) की अधिकतम सीमा 10,000 करोड़ रुपये तय की है।
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10,000 करोड़ रुपये की यह सीमा बैंक द्वारा काफी ज्यादा पूंजी की जरूरत पर आधारित है। फिलहाल, एसबीआई 9 मार्च को अपनी भूमिका के बारे में आरबीआई को जवाब देगा।

आरबीआई ने बनाई है योजना

आरबीआई ने यस बैंक पुनर्गठन योजना, 2020 का एलान शुक्रवार को किया था। नए सिरे से गठित इस बैंक के लिए पूंजी 5 हजार करोड़ रखी गई है। मसौदे में कहा कि रणनीतिक निवेशक बैंक को यस बैंक में 49 फीसदी हिस्सेदारी लेनी होगी और निवेशक बैंक यस बैंक में अपनी हिस्सेदारी को पूंजी डालने के दिन से तीन साल तक 26 फीसदी से नीचे नहीं ला सकता है।

आरबीआई ने यस बैंक पर अंकुश लगाते हुए बैंक के जमाकर्ताओं के लिए 3 अप्रैल तक निकासी की सीमा 50,000 रुपये तय की है और बैंक के निदेशक मंडल को भी भंग कर दिया था। 2 रुपये प्रति शेयर के दाम से 24,000 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर में भी बदलाव होगा। इसके बाद यह राशि 48 हजार करोड़ रुपये की होगी।

दिल्ली-एनसीआर, गाजियाबाद, अहमदाबाद में एटीएम में पैसे ही नहीं, लगी कतार

नोएडा-गाजियाबाद समेत दिल्ली, पुणे, मुंबई, अहमदाबाद और भुवनेश्वर में यस बैंक के ज्यादातर एटीएम या तो नकदी नहीं होने के चलते बंद नजर आ रहे हैं या फिर उनके बाहर लंबी कतारें नजर आ रही हैं। यस बैंक ग्राहकों के लिए निकासी की सीमा 50 हजार रुपये तय किए जाने के बाद एटीएम के बाहर लंबी कतार देखी जा रही है।

दिल्ली के एक ग्राहक ने कहा, मैं एक एटीएम से सिर्फ 4 हजार ही निकाल पाया। बाकी की रकम मुझे चेक से निकालनी पड़ी। संसद मार्ग स्थित एक डाकखाने पर लिखा था कि यस बैंक को कोई भी चेक आरबीआई के अगले आदेश तक नहीं भुनाया जा सकेगा।

सियासत: भाजपा और कांग्रेस में वार-पलटवार

वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने यस बैंक पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया है। उन्होंने कहा, राहुल गांधी को अपनी पार्टी के विकास की फिक्र करनी चाहिए। कांग्रेस का विकास दिनोंदिन पतन की ओर जा रहा है। देश की अर्थव्यवस्था मजबूत और सुरक्षित हाथों में है।

जब दुनिया की अर्थव्यवस्था में गिरावट आ रही है, ऐसे में हमने विकास की रफ्तार बनाए रखी है। दरअसल, राहुल ने एक दिन पहले ट्वीट कर कहा था कि नो यस बैंक। मोदी और उनके विचारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया।
 

भाजपा सरकार के कुप्रबंधन के चलते यस बैंक संकट: कांग्रेस

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा, भाजपा सरकार के वित्तीय संस्थाओं के कुप्रबंधन के चलते यस बैंक संकट हुआ है। यस बैंक के लोन देने की होड़ बैंकिंग नहीं, बल्कि डकैती है। आरबीआई को इस मामले की जांच करनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करनी चाहिए।

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