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द्वितीय विश्व युद्ध में सैकड़ों यहूदी बच्चों को बचाने वाले जॉर्जेस लोइंगर का निधन
Mon, 31 Dec 2018 05:20 AM IST
Gaurav Pandey
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Gaurav Pandey
Updated Mon, 31 Dec 2018 05:20 AM IST
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जॉर्जेस लोइंगर (फाइल फोटो)
जर्मनी की नाजी सेना के चंगुल से दूसरे विश्व युद्ध के दौरान करीब 350 यहूदी बच्चों को बचाने वाले जॉर्जेस लोइंगर का 108 साल की उम्र में निधन हो गया। फ्रांस के हॉलोकॉस्ट मेमोरियल फाउंडेशन की वेबसाइट पर लोइंगर को विशेष व्यक्ति बताते हुए उनके निधन की घोषणा की गई है। उन्हें जर्मनी के खिलाफ फ्रांस के संघर्ष का नायक माना जाता था।
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वर्ष 1910 में स्ट्रैसबर्ग में जन्मे लोइंगर को 1940 में फ्रांसीसी सेना की तरफ से लड़ने पर जर्मनी ने जेल में डाल दिया था। हालांकि अपने सुनहरे बालों और नीली आंखों के कारण वह यहूदी होने के बावजूद जर्मनी के कहर का शिकार होने से बच गए।
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जेल से फरार होकर उन्होंने ओएसई के लिए अपनी सेवाएं दीं, जो युद्धग्रस्त क्षेत्रों में जर्मन सेना के खिलाफ काम कर रही थी। इस दौरान लोइंगर ने अप्रैल 1943 और जून 1944 के बीच फ्रांस-स्विट्जरलैंड सीमा पर छोटे-छोटे समूहों में करीब 350 यहूदी बच्चों को बचाकर ओएसई के शिविरों में भेजा था। इन सभी बच्चों के परिजनों को या तो मार दिया गया था या फिर नाजी बंदी शिविर में भेज दिया गया था। इस जबरदस्त काम के लिए उन्हें रेजिस्टेंट मेडल, मिलिट्री क्रॉस और फ्रांस के सर्वोच्च सम्मान लीजन ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया था।
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बता दें कि द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जर्मनी ने अपने कब्जे वाले फ्रांसीसी इलाकों में यहूदियों के खिलाफ अभियान चलाया था, जिससे 75 हजार यहूदियों में से अधिकतर को जान गंवानी पड़ी थी।