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जम्मू-कश्मीर के सरपंचों से मिले उपराष्ट्रपति, कहा- अस्थायी प्रतिबंधों का मकसद उपद्रव रोकना
Tue, 10 Sep 2019 03:02 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Tue, 10 Sep 2019 03:02 PM IST
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जम्मू-कश्मीर के सरपंचों की उपराष्ट्रपति से मुलाकात
- फोटो : ANI
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कहा कि जम्मू कश्मीर में विभिन्न नागरिक सुविधाओं पर अस्थायी प्रतिबंधों का उद्देश्य उपद्रव और अशांति फैलाने की शरारती तत्वों की मंशा को नाकाम बनाना है और अब इन प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाया जा रहा है।
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नायडू ने जम्मू कश्मीर में हाल ही में निर्वाचित सरपंचों से मुलाकात के दौरान कहा कि स्थानीय प्रशासन विभिन्न प्रतिबंधों में ढील दे रहा है और संचार सुविधाएं भी चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा रही हैं।
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नायडू ने सरपंचों के साथ बैठक की जानकारी ट्विटर पर साझा करते हुये कहा, ‘आज अपने निवास पर जम्मू कश्मीर से आये सरपंचों के शिष्टमंडल से मुलाकात की और संविधान का अनुच्छेद 370 हटने के बाद, क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों को तत्परता से जनसाधारण तक पहुंचाने के लिए निष्ठापूर्वक अथक प्रयास करने का आग्रह किया।’’
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उपराष्ट्रपति ने राज्य में मौजूदा हालात के बारे में कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में लगाये गये अस्थायी प्रतिबंधों का उद्देश्य शरारती तत्वों द्वारा अशांति और उपद्रव की संभावना को रोकना तथा उसके कारण जान-माल की संभावित हानि से नागरिकों को बचाना है।’
उन्होंने राज्य में पंचायती राज व्यवस्था मजबूत होने के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुये कहा कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद, वहां भी पंचायती राज से जुड़े संविधान के 73वें और 74वें संशोधनों के प्रावधान स्वत: ही जम्मू-कश्मीर में भी लागू होंगे।
नायडू ने जम्मू कश्मीर में पंचायतों के चुनाव पर खुशी व्यक्त करते हुये कहा, ‘मुझे हर्ष है कि जम्मू कश्मीर में दशकों बाद, राज्यपाल शासन के दौरान, सफलतापूर्वक पंचायत चुनाव आयोजित किए गए तथा पंचायतों को संविधान सम्मत अधिकार दिए गए हैं। लगभग 4500 पंचायतों में से 3500 पंचायतों के चुनावों में लगभग 74 प्रतिशत मतदाताओं ने 35000 पंचों को चुना है।’
उन्होंने पंचायतों के वित्तीय अधिकारों में दस गुना बढ़ोतरी का जिक्र करते हुये कहा कि पंचायतों को अधिकार दिया गया है कि वे कर के माध्यम से अपना राजस्व बढ़ा सकें तथा प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी विकास योजनाओं का सोशल आडिट/लेखा परीक्षा करवा सकें।
नायडू ने कहा कि पंचायतों को अधिकाधिक अधिकार दिए जा रहे हैं। पंचायतों को सार्थक और सक्षम बनाने के लिए पर्याप्त कोष, कार्ययोजना और इसे लागू करने के लिये अधिकारियों और कर्मचारियों का अमला होना आवश्यक है।
Village head (Sarpanches) from Jammu&Kashmir meet Vice President in Delhi; say, "We briefed him about grass root problems. We were concerned about the economy & unemployment, especially fruit exports. He has assured more peace & prosperity for J&K than all other states of India." pic.twitter.com/WZaXtgjTbs
— ANI (@ANI) September 10, 2019