{"_id":"6aa81346542c61814f0ed2d6","slug":"brics-gala-dinner-vegetarian-menu-row-karti-chidambaram-bjp-congress-attack-2026-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्रिक्स डिनर विवाद: कांग्रेस ने केंद्र को घेरा, कार्ति चिदंबरम बोले- भाजपा सवर्णों की हिंदू शाकाहारी पार्टी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ब्रिक्स डिनर विवाद: कांग्रेस ने केंद्र को घेरा, कार्ति चिदंबरम बोले- भाजपा सवर्णों की हिंदू शाकाहारी पार्टी
Mon, 14 Sep 2026 09:01 PM IST
देवेश त्रिपाठी
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Mon, 14 Sep 2026 09:01 PM IST
सार
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित रात्रिभोज के शाकाहारी मेन्यू को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि भारत की खान-पान परंपरा में मांस और समुद्री भोजन भी शामिल हैं, इसलिए देश की विविधता को पेश करते समय इन्हें भी जगह मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
ब्रिक्स डिनर के शाकाहारी मेन्यू पर कांग्रेस का वार
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शाकाहारी मेन्यू को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने सोमवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत की खान-पान की विविधता में मांस और समुद्री भोजन भी शामिल है और इसे देश की व्यापक सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा माना जाना चाहिए।
एएनआई से बातचीत में चिदंबरम ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीतिक सोच भारत की संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पेश करने के तरीके को प्रभावित करती है।
शाकाहारी मेन्यू पर क्यों मचा बवाल?
कांग्रेस सांसद ने कहा, 'हमें अच्छे मेजबान की तरह व्यवहार करना चाहिए, लेकिन इस सरकार का भारत को पेश करने के तरीके में एक खास सांस्कृतिक झुकाव है। समस्या यह है कि यह सरकार मानती है कि भारत को केवल एक खास सांस्कृतिक सोच का पालन करना चाहिए। यह उनकी राजनीतिक सोच से आता है। भाजपा सवर्ण, शाकाहारी, हिंदुत्ववादी, उत्तर भारतीय राजनीतिक पार्टी है।'
चिदंबरम ने कहा, '80 फीसदी भारतीय मांस खाते हैं। इसलिए अगर आप भारतीय खान-पान को पेश करना चाहते हैं तो मांस या समुद्री भोजन परोसने से परहेज करने की कोई वजह नहीं है, क्योंकि यह भी हमारी संस्कृति का हिस्सा है। जो शाकाहारी रहना चाहता है, वह शाकाहारी रह सकता है। लेकिन अगर आप वास्तव में भारतीय खान-पान की विविधता को दिखाना चाहते हैं तो आपको इसकी पूरी विविधता पेश करनी चाहिए।'
विज्ञापन
कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए क्या आरोप?
जब चिदंबरम से पूछा गया कि क्या ऐसा जानबूझकर किया गया था, तो उन्होंने कहा, '100 फीसदी ऐसा जानबूझकर किया गया, क्योंकि भाजपा सवर्ण हिंदू शाकाहारी राजनीतिक पार्टी है।' भारत ने अपनी 2026 की अध्यक्षता के तहत 12-13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी। भारत की अध्यक्षता की थीम 'लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' रही। सम्मेलन में विकास, स्थिरता और नवाचार प्रमुख क्षेत्रों में शामिल रहे।
ब्रिक्स डिनर पर राहुल गांधी की टिप्पणी ने कैसे छेड़ा विवाद?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भारत मंडपम में ब्रिक्स नेताओं के लिए आयोजित पूरी तरह शाकाहारी राजकीय रात्रिभोज के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हुआ। कांग्रेस ने सरकार पर विदेशी नेताओं पर 'खान-पान की पसंद थोपने' का आरोप लगाया। वहीं, केंद्रीय मंत्रियों ने मेन्यू का बचाव करते हुए इसे भारत की समृद्ध खान-पान परंपराओं को पेश करने वाला बताया।
विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर कहा था कि 80 फीसदी भारतीय मांसाहारी हैं। उन्होंने हल्के अंदाज में लिखा, 'भारतीय मांसाहारी खाना स्वादिष्ट है। जैसे मेरी बहन के छोले भटूरे।' इसके साथ उन्होंने इस व्यंजन की तस्वीर भी साझा की।
विज्ञापन
एएनआई से बातचीत में चिदंबरम ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीतिक सोच भारत की संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पेश करने के तरीके को प्रभावित करती है।
शाकाहारी मेन्यू पर क्यों मचा बवाल?
कांग्रेस सांसद ने कहा, 'हमें अच्छे मेजबान की तरह व्यवहार करना चाहिए, लेकिन इस सरकार का भारत को पेश करने के तरीके में एक खास सांस्कृतिक झुकाव है। समस्या यह है कि यह सरकार मानती है कि भारत को केवल एक खास सांस्कृतिक सोच का पालन करना चाहिए। यह उनकी राजनीतिक सोच से आता है। भाजपा सवर्ण, शाकाहारी, हिंदुत्ववादी, उत्तर भारतीय राजनीतिक पार्टी है।'
विज्ञापन
चिदंबरम ने कहा, '80 फीसदी भारतीय मांस खाते हैं। इसलिए अगर आप भारतीय खान-पान को पेश करना चाहते हैं तो मांस या समुद्री भोजन परोसने से परहेज करने की कोई वजह नहीं है, क्योंकि यह भी हमारी संस्कृति का हिस्सा है। जो शाकाहारी रहना चाहता है, वह शाकाहारी रह सकता है। लेकिन अगर आप वास्तव में भारतीय खान-पान की विविधता को दिखाना चाहते हैं तो आपको इसकी पूरी विविधता पेश करनी चाहिए।'
विज्ञापन
कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए क्या आरोप?
जब चिदंबरम से पूछा गया कि क्या ऐसा जानबूझकर किया गया था, तो उन्होंने कहा, '100 फीसदी ऐसा जानबूझकर किया गया, क्योंकि भाजपा सवर्ण हिंदू शाकाहारी राजनीतिक पार्टी है।' भारत ने अपनी 2026 की अध्यक्षता के तहत 12-13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी। भारत की अध्यक्षता की थीम 'लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' रही। सम्मेलन में विकास, स्थिरता और नवाचार प्रमुख क्षेत्रों में शामिल रहे।
ब्रिक्स डिनर पर राहुल गांधी की टिप्पणी ने कैसे छेड़ा विवाद?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भारत मंडपम में ब्रिक्स नेताओं के लिए आयोजित पूरी तरह शाकाहारी राजकीय रात्रिभोज के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हुआ। कांग्रेस ने सरकार पर विदेशी नेताओं पर 'खान-पान की पसंद थोपने' का आरोप लगाया। वहीं, केंद्रीय मंत्रियों ने मेन्यू का बचाव करते हुए इसे भारत की समृद्ध खान-पान परंपराओं को पेश करने वाला बताया।
विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर कहा था कि 80 फीसदी भारतीय मांसाहारी हैं। उन्होंने हल्के अंदाज में लिखा, 'भारतीय मांसाहारी खाना स्वादिष्ट है। जैसे मेरी बहन के छोले भटूरे।' इसके साथ उन्होंने इस व्यंजन की तस्वीर भी साझा की।