{"_id":"5ce42808bdec22073964f6ff","slug":"saradha-scam-former-kolkata-police-commissioner-rajeev-kumar-gets-jolts-from-supreme-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"शारदा घोटाला : कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, गिरफ्तारी संभव","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
शारदा घोटाला : कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, गिरफ्तारी संभव
Tue, 21 May 2019 11:29 PM IST
अमर शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 21 May 2019 11:29 PM IST
विज्ञापन
आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार (बीच में)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को करारा झटका दिया। शीर्ष अदालत ने अपनी गिरफ्तारी पर सात दिनों की अंतरिम राहत को बढ़ाने के लिए बड़ी पीठ के तत्काल गठन की कुमार की मांग को ठुकरा दिया है। कुमार ने कोलकाता में वकीलों की हड़ताल का हवाला देते हुए राहत मांगी थी।
सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले राजीव कुमार पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। बता दें कि सीबीआई राजीव कुमार को करोड़ों रुपये के सारदा चिट फंड मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है। सीबीआई का दावा है कि इस मामले में कुमार ने जानबूझकर निर्देशों की अवहेलना की और साक्ष्यों को नुकसान पहुंचाया। साथ ही कॉल डिटेल्स के साथ भी छेड़छाड़ करने का आरोप उन पर है।
सोमवार को कुमार ने दो सदस्यीय अवकाशकालीन पीठ से सात दिनों की मिली अंतरिम राहत को और बढ़ाने की गुहार की थी। उनके वकील ने अवकाशकालीन पीठ से कहा था कि 17 मई को सुप्रीम कोर्ट ने कुमार को कानूनी राहत पाने के लिए उचित स्तर पर अपील करने के लिए सात दिनों का वक्त दिया था। इनमें से चार दिन बीत चुके हैं। लेकिन हड़ताल के कारण कोलकाता में ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट का काम बंद है। ऐसे में उन्हें अपील के लिए और वक्त दिया जाए। लेकिन पीठ ने कुमार से कहा था कि सात दिनों की अंतरिम राहत तीन सदस्यीय पीठ ने दी थी, लिहाजा वह रजिस्ट्रार या सेक्रेटरी जनरल से बड़ी पीठ के गठन की गुहार करें।
विज्ञापन
मंगलवार को जानकारी मिली है कि रजिस्ट्री की तरफ से कुमार की याचिका चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के सामने रखी गई, जिन्होंने बड़ी पीठ के जल्द गठन की मांग को ठुकरा दिया। कुमार ने अपनी याचिका में कहा था कि कोलकाता में वकीलों की हड़ताल चल रही है, लिहाजा उन्हें मिली अंतरिम राहत को बढ़ा दिया जाए।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले राजीव कुमार पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। बता दें कि सीबीआई राजीव कुमार को करोड़ों रुपये के सारदा चिट फंड मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है। सीबीआई का दावा है कि इस मामले में कुमार ने जानबूझकर निर्देशों की अवहेलना की और साक्ष्यों को नुकसान पहुंचाया। साथ ही कॉल डिटेल्स के साथ भी छेड़छाड़ करने का आरोप उन पर है।
विज्ञापन
सोमवार को कुमार ने दो सदस्यीय अवकाशकालीन पीठ से सात दिनों की मिली अंतरिम राहत को और बढ़ाने की गुहार की थी। उनके वकील ने अवकाशकालीन पीठ से कहा था कि 17 मई को सुप्रीम कोर्ट ने कुमार को कानूनी राहत पाने के लिए उचित स्तर पर अपील करने के लिए सात दिनों का वक्त दिया था। इनमें से चार दिन बीत चुके हैं। लेकिन हड़ताल के कारण कोलकाता में ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट का काम बंद है। ऐसे में उन्हें अपील के लिए और वक्त दिया जाए। लेकिन पीठ ने कुमार से कहा था कि सात दिनों की अंतरिम राहत तीन सदस्यीय पीठ ने दी थी, लिहाजा वह रजिस्ट्रार या सेक्रेटरी जनरल से बड़ी पीठ के गठन की गुहार करें।
विज्ञापन
मंगलवार को जानकारी मिली है कि रजिस्ट्री की तरफ से कुमार की याचिका चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के सामने रखी गई, जिन्होंने बड़ी पीठ के जल्द गठन की मांग को ठुकरा दिया। कुमार ने अपनी याचिका में कहा था कि कोलकाता में वकीलों की हड़ताल चल रही है, लिहाजा उन्हें मिली अंतरिम राहत को बढ़ा दिया जाए।