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Saradha Scam: आरोपी देबजानी मुखर्जी की मां का CID पर आरोप, कहा- भाजपा नेताओं का नाम लेने के लिए बना रही दबाव
Thu, 08 Sep 2022 08:08 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 08 Sep 2022 08:08 PM IST
सार
सारदा घोटाले में आरोपी देबजानी मुखर्जी की मां सरबरी मुखर्जी ने सीआईडी पर आरोप लगाते हुए सात सितंबर को सीबीआई के डीआईजी और संयुक्त निदेशक को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने लिखा था कि सीआईडी उनकी बेटी पर दबाव बना रही है।
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देबजानी मुखर्जी
- फोटो : social media
विस्तार
सारदा चिटफंड घोटाले के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल देबजानी मुखर्जी की मां ने जांच एजेंसी सीआईडी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सीबीआई के डीआईजी और संयुक्त निदेशक को पत्र लिखकर कहा है कि सीआईडी ने उनकी बेटी देबजानी मुखर्जी पर मामले में भाजपा नेताओं का नाम लेने के लिए दबाव बनाया। इतना ही नहीं सीआईडी के अधिकारियों ने ऐसा ना करने पर देबजानी को नौ मामलों में फंसाने की धमकी भी दी। वहीं, दूसरी ओर सीआईडी ने एक बयान जारी कर इन आरोपों से इनकार किया है।
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देबजानी मुखर्जी की मां ने लगाए सीआईडी पर आरोप
सारदा घोटाले में आरोपी देबजानी मुखर्जी की मां सरबरी मुखर्जी ने सीआईडी पर आरोप लगाते हुए सात सितंबर को सीबीआई के डीआईजी और संयुक्त निदेशक को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने लिखा था कि सीआईडी उनकी बेटी पर दबाव बना रही है कि वह यह कहे कि भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी (एलओपी) ने सुदीप्त सेन (सारदा घोटाले में मुख्य आरोपी) से 6 करोड़ रुपये लिए थे। उन्होंने पत्र में यह भी लिखा कि सीआईडी के अधिकारियों ने उसे धमकी भी दी है। उन्होंने कहा कि अगर देबजानी उनके निर्देशों का पालन नहीं करती हैं तो उन्हें नौ अन्य मामलों में फंसाया जाएगा।
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सीआईडी ने खारिज किए आरोप
देबजानी मुखर्जी की मां के आरोपों पर सीआईडी ने एक बयान जारी कर आरोपों से इनकार किया है। सीआईडी ने बयान में कहा है कि यह स्पष्ट किया जाता है कि सीआईडी मामले संख्या 621/17 में जांच के तहत देबजानी मुखर्जी की 23 अगस्त को केंद्रीय सुधार गृह में एक महिला कर्मचारी सहित सुधार गृह के कर्मचारियों की उपस्थिति में जांच की गई थी। अदालत से आदेश प्राप्त करने के बाद अधिकारी द्वारा उसका बयान विधिवत दर्ज किया गया। देबजानी मुखर्जी की मां द्वारा लगाए गए झूठे और निराधार हैं। सीआईडी पश्चिम बंगाल कानून की उचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए जांच करता है। मीडिया से अनुरोध है कि इस तरह के झूठे और दुर्भावनापूर्ण प्रचार को बढ़ावा देने से बचें।
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फरारी के बाद कश्मीर से हुई थी गिरफ्तार
2013 में सारदा चिटफंड घोटाला सामने आने के बाद मुख्य आरोपी सुदीप्त सेन के साथ देबजानी कोलकाता से फरार हो गई थी। इसके बाद बंगाल पुलिस की विशेष जांच दल ने सुदीप्त व देबजानी को कश्मीर से गिरफ्तार किया था।
क्या है सारदा चिटफंड घोटाला
सारदा चिटफंड घोटाले की शुरुआत वर्ष 2000 में शुरू हुई। उद्योगपति सुदीप्तो सेन ने इस ग्रुप की स्थापना की। सुदीप्तो ने इस ग्रुप के तहत 4-5 प्रमुख कंपनियों के अलावा 239 कंपनियां बनाईं। इन कंपनियों ने तीन तरह की स्कीमें चलाईं जिसके तहत ये फिक्स्ड डिपॉजिट, रिकरिंग डिपॉजिट और मंथली इनकम डिपॉजिट स्कीम थी। इन स्कीमों के जरिए जमाकर्ताओं को बताया गया कि उनको निवेश के बदले 25 गुना ज्यादा रिटर्न मिलेगा और इस लोभ में भोली भाली जनता आ गई फिर सभी ने निवेश शुरू कर दिया। लेकिन जब जनता ने अपने पैसे मांगे तो कंपनी देने से मुकर गई।