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जनजागरण अभियान की तैयारी में विश्व हिंदू परिषद से जुड़ी संत समिति

Mon, 06 Jan 2020 03:26 AM IST
संजीव कुमार झा हिमांशु मिश्र, अमर उजाला
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 06 Jan 2020 03:26 AM IST
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Sant samiti associated with Vishwa Hindu Parishad in preparation for jan jagran abhiyan
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

अयोध्या विवाद में न्यायालय से जीत हासिल करने के बाद विहिप ने मथुरा और काशी विवाद को गरमाने की तैयारी शुरू कर दी है। गुजरात के आणंद में विश्व हिंदू परिषद से जुड़ी अखिल भारतीय संत समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में काशी और मथुरा के लिए व्यापक जन जागरण अभियान शुरू करने पर सहमति बनी है।

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बैठक में प्रस्ताव पारित कर मुसलमानों से इन दो जगहों से दावा छोडने की अपील करते हुए कहा गया है कि संस्था का उद्येश्य ही अयोध्या के साथ-साथ मथुरा और काशी की मुक्ति के लिए किया गया था।
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विहिप सूत्रों के मुताबिक कार्यकारिणी की बैठक में मथुरा और काशी मामले में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट के गठन के बाद जन जागरण अभियान की शुरुआत करने का निर्णय लिया गया।
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सभी संतों का मत था कि मंदिरों की मुक्ति संबंधी अभियान को अयोध्या में मिली सफलता के बाद बंद किया जाना ठीक नहीं होगा। एक वरिष्ठ संत के मुताबिक काशी विवाद की वाराणसी न्यायालय में 9 जनवरी से सुनवाई शुरू होनी है।

सभी का मत था अयोध्या की तर्ज पर जल्द सुनवाई के लिए व्यापक स्तर पर जनजागरण अभियान शुरू किया जाए। कुछ संतों ने अयोध्या की तर्ज पर देशव्यापी जनजागरण अभियान शुरू करने का प्रस्ताव रखा।

इस पर अब विहिप की मथुरा में 29 फरवरी और एक मार्च को होने वाली कार्यसमिति की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसी बैठक में देशव्यापी जनजागरण अभियान की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

राम मंदिर बनाने का मांगा अधिकार

इसी बैठक में सरकार से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का अधिकार राम जन्मभूमि न्यास को देने की मांग की गई। प्रस्ताव में कहा गया कि मंदिर बनाने का जनादेश न्यास को है। न्यास को ही 1989 में शिलान्यास के समय देश के पौने तीन लाख गांवों से 6.60 करोड़ लोगों ने रामशिला का पूजन कर सवा-सवा रुपये के हिसाब से 8.25 करोड़ रुपये दिये थे।

इसी रकम से बीते तीन दशक से शिलाओं को तराशने का काम हो रहा है। कारसेवक पुरम से रामसेवक पुरम तक विस्तृत कार्यशाला न्यास के ही पास है।
 
अयोध्या को छोड़ कर दूसरे पूजा स्थलों की यथास्थिति बनाए रखने संबंधी कानून में संशोधन संभव है। जनता के दबाव में ऐसा करना ही होगा। हमारी लड़ाई महज अयोध्या तक खत्म होने वाली नहीं है। मथुरा और काशी पर अपना संपूर्ण अधिकार हासिल करने के लिए संत समिति सभी संभव विकल्प आजमाएगी। समिति के गठन का मूल उद्येश्य ही अयोध्या के साथ साथ मथुरा और काशी की मुक्ति है।
- स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती, महामंत्री, अखिल भारतीय संत समिति

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