फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Sanskrit mother of nearly all Indian languages: Union Home Minister Amit Shah, News in Hindi

Sanskrit: 'संस्कृत सभी भारतीय भाषाओं की जननी', अमित शाह बोले- भारतीय भाषाओं को सशक्त बनाने के लिए कर रहे काम

Sun, 04 May 2025 07:32 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Sun, 04 May 2025 07:32 PM IST
सार

अमित शाह ने कहा कि अब संस्कृत के इतिहास पर नहीं, बल्कि इसके पुनरुत्थान पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं, जैसे कि 'अष्टादशी' योजना के तहत 18 प्रोजेक्ट्स और दुर्लभ संस्कृत ग्रंथों के प्रकाशन में आर्थिक मदद। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में भी भारतीय ज्ञान परंपरा को प्राथमिकता दी गई है, जिसमें संस्कृत एक मुख्य स्तंभ है।

विज्ञापन
Sanskrit mother of nearly all Indian languages: Union Home Minister Amit Shah, News in Hindi
अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री - फोटो : X @AmitShah

विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि किसी भी भाषा का विरोध नहीं है क्योंकि कोई भी अपनी मातृभाषा से दूर नहीं रह सकता, और संस्कृत लगभग सभी भारतीय भाषाओं की मां है। यह बात अमित शाह ने दिल्ली में आयोजित 1008 संस्कृत संभाषण शिविरों के समापन समारोह में कही। उन्होंने कहा कि संस्कृत का प्रचार-प्रसार सिर्फ इसके पुनरुत्थान का सवाल नहीं है, बल्कि यह भारत की समग्र प्रगति का भी माध्यम है।
विज्ञापन


संस्कृत दुनिया की सबसे वैज्ञानिक भाषा- अमित शाह
अमित शाह ने कहा, 'जब संस्कृत समृद्ध और सशक्त होगी, तब देश की हर भाषा और बोली को ताकत मिलेगी।' उन्होंने संस्कृत को दुनिया की सबसे वैज्ञानिक भाषा बताया और कहा कि इसकी व्याकरण संरचना अद्वितीय है। गृह मंत्री ने संस्कृत भारती संगठन की तारीफ करते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर शिविर आयोजित करना साहसिक काम है। उन्होंने कहा कि संस्कृत का पतन तो उपनिवेश काल से पहले ही शुरू हो गया था, लेकिन अब इसके पुनरुद्धार में समय और निरंतर प्रयास लगेंगे।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Pahalgam: राजनाथ सिंह बोले- भारत पर बुरी नजर रखने वालों को मुंहतोड़ जवाब देना मेरी जिम्मेदारी है
विज्ञापन
विज्ञापन


'देश में संस्कृत के पुनर्जागरण का अनुकूल माहौल'
उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश में संस्कृत के पुनर्जागरण का अनुकूल माहौल बना है। उन्होंने कहा कि सरकार, जनता और समाज का सामूहिक मानस संस्कृत के उत्थान के लिए पूरी तरह समर्पित है। अमित शाह ने बताया कि 1981 से संस्कृत भारती दुनिया भर में संस्कृत ज्ञान को फैलाने और लाखों लोगों को संस्कृत बोलने और सीखने के लिए प्रशिक्षित कर रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई बड़े विद्वान भी संस्कृत को सबसे वैज्ञानिक भाषा मानते हैं।


वरिष्ठ संस्कृत विद्वानों की हो रही नियुक्ति- अमित शाह
गृह मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान को अब केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है और 'सहस्र चूड़ामणि योजना' के तहत वरिष्ठ संस्कृत विद्वानों की नियुक्ति भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश भर में बिखरे हुए संस्कृत और प्राकृत के पांडुलिपियों को इकट्ठा करने के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभी तक 52 लाख से ज्यादा पांडुलिपियां दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से 3.5 लाख का डिजिटलीकरण और 1.37 लाख को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है।

यह भी पढ़ें - Telangana: 'आत्मसमर्पण के अलावा, माओवादी संगठन से नहीं होगी कोई बातचीत', केंद्रीय मंत्री संजय कुमार का बयान

गृह मंत्री ने की संस्कृत भारती की तारीफ
अमित शाह ने कहा कि संस्कृत में छिपे गहरे ज्ञान में दुनिया की कई समस्याओं का समाधान मौजूद है। उन्होंने बताया कि संस्कृत भारती ने अब तक एक करोड़ से ज्यादा लोगों को संस्कृत बोलना सिखाया है, एक लाख से ज्यादा शिक्षक तैयार किए हैं और देश में 6,000 परिवार आज भी सिर्फ संस्कृत में बातचीत करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में अब 4,000 गांव हैं, जहां पूरा संचार संस्कृत में होता है। संस्कृत भारती ने दुनिया के 26 देशों में 4,500 केंद्र बनाए हैं और 2011 में दुनिया का पहला विश्व संस्कृत पुस्तक मेला भी आयोजित किया था। अमित शाह ने कहा कि संस्कृत भारत की आस्था, परंपरा, सत्य और सनातन संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वेद, उपनिषद और हजारों संस्कृत ग्रंथों में छिपा ज्ञान अब पूरी दुनिया तक पहुंचाना चाहिए। इस समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed