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Hindi News ›   India News ›   Delhi: DUSIB Engineer Arrested for Taking Bribe for Ramlila Approval; How Did CBI Lay the Trap?

दिल्ली: डीयूएसआईबी के इंजीनियर ने रामलीला की मंजूरी के लिए ली रिश्वत, अब गिरफ्तार; सीबीआई ने कैसे बिछाया जाल?

Mon, 21 Sep 2026 10:15 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Mon, 21 Sep 2026 10:15 PM IST
सार

दिल्ली में रामलीला के आयोजन के लिए जमीन अलॉट करने के बदले डीयूएसआईबी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पर 2.50 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। सीबीआई ने शिकायत के बाद जाल बिछाकर आरोपी को एक लाख रुपये की पहली किश्त लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। घर की तलाशी में 41 लाख रुपये नकद भी मिले। रामलीला की मंजूरी के लिए रिश्वत की मांग कैसे सामने आई और कार्रवाई कैसे हुई?
 

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Delhi: DUSIB Engineer Arrested for Taking Bribe for Ramlila Approval; How Did CBI Lay the Trap?
सीबीआई ने इंजीनियर को कैसे रंगे हाथ पकड़ा? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

दिल्ली में रामलीला आयोजन के लिए जमीन की मंजूरी देने के बदले रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (डीयूएसआईबी), सीमापुरी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर वेदपाल मीणा को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने नंदनगरी, वजीराबाद में रामलीला के लिए जमीन अलॉट करने के बदले शिकायतकर्ता से 2.50 लाख रुपये मांगे थे। सीबीआई ने आरोपी के घर की तलाशी में 41 लाख रुपये नकद भी जब्त किए हैं।

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सीबीआई के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ 19 सितंबर को मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि रामलीला आयोजित करने के लिए जमीन अलॉट कराने के बदले एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने ढाई लाख रुपये की रिश्वत मांगी। बताया गया कि आरोपी इस रकम को दो किश्तों में लेने के लिए तैयार हो गया था। इसके बाद सीबीआई ने शिकायत की जांच की और आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।

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रामलीला की मंजूरी के बदले कितनी रिश्वत मांगी गई थी?

  • शिकायत के अनुसार, नंदनगरी, वजीराबाद में रामलीला आयोजित करने के लिए जमीन अलॉट कराने की मंजूरी के बदले 2.50 लाख रुपये की मांग की गई थी। आरोप है कि डीयूएसआईबी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर वेदपाल मीणा ने शिकायतकर्ता से यह रकम मांगी।
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  • आरोपी ने कथित तौर पर पूरी राशि एक साथ लेने के बजाय दो किश्तों में लेने पर सहमति जताई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी सीबीआई को दी। एजेंसी ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू की और आरोपी को रिश्वत लेते पकड़ने की योजना बनाई।

 

सीबीआई ने इंजीनियर को कैसे रंगे हाथ पकड़ा?

सीबीआई ने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। एजेंसी के मुताबिक, डीयूएसआईबी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को शिकायतकर्ता से रामलीला के लिए जमीन अलॉट करने के बदले रिश्वत की पहली किश्त लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। पहली किश्त के तौर पर आरोपी ने एक लाख रुपये लिए। कार्रवाई के बाद सीबीआई ने आरोपी के घर की भी तलाशी ली। इस दौरान जांच एजेंसी ने 41 लाख रुपये नकद जब्त किए। मामले में आगे की जांच जारी है।

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