Sanjay Raut: शिकंजे में संजय राउत, 16 घंटे पूछताछ के बाद ईडी ने किया गिरफ्तार, आज होगी कोर्ट में पेशी
ईडी टीम रविवार सुबह सात बजे औद्योगिक सुरक्षा बल के दस्ते के साथ राउत के भांडुप स्थित घर पहुंच गई थी। ईडी की अन्य टीमों ने इस बीच दादर व गोरेगांव में भी सर्च ऑपरेशन चलाया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शिवसेना के प्रवक्ता और सांसद संजय राउत को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार को पात्रा चॉल भूमि घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। राउत से पहले उनके घर पर करीब नौ घंटे, फिर दक्षिण मुंबई स्थित ईडी दफ्तर में सात घंटे चली पूछताछ के बाद रात 12ः05 बजे धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया गया। संजय के घर से एजेंसी ने 11.50 लाख रुपये भी जब्त किए। ईडी अधिकारियों ने बताया कि जांच में सहयोग नहीं करने के कारण राउत को गिरफ्तार किया है। ईडी उन्हें सोमवार को विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश कर उनकी रिमांड मांगेगी।
ईडी टीम रविवार सुबह सात बजे औद्योगिक सुरक्षा बल के दस्ते के साथ राउत के भांडुप स्थित घर पहुंच गई थी। ईडी की अन्य टीमों ने इस बीच दादर व गोरेगांव में भी सर्च ऑपरेशन चलाया। शाम को टीम दस्तावेज के साथ संजय को लेकर घर से निकली। ईडी ने उन्हें 20 और 27 जुलाई को तलब किया था, लेकिन संसद सत्र का हवाला देकर वह पेश नहीं हुए। ईडी के साथ जाने से पहले संजय ने मीडिया से कहा, उन्हें फंसाया जा रहा है। 1040 करोड़ के चॉल घोटाले में राउत से 28 जून को पूछताछ हुई थी। ईडी सूत्रों ने कहा, डीएचएफएल-यस बैंक घोटाले में भी संजय से पूछताछ होगी, जिसमें पुणे का कारोबारी अविनाश भोंसले गिरफ्तार है। सूत्रों का दावा है कि दोनों घोटाले जुड़े हुए हैं।
भाई सुनील राउत ने कहा, आज सुबह कोर्ट में पेशी
संजय राउत के भाई सुनील राउत ने कहा कि संजय राउत को गिरफ्तार कर लिया गया है। भाजपा उनसे डरती है इसलिए उन्हें गिरफ्तार करवाया है। उन्होंने हमें (उनकी गिरफ्तारी के संबंध में) कोई दस्तावेज नहीं दिया है। उसे फंसाया गया है। आज सुबह 11.30 बजे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
राउत बोले, झूठे सबूत बनाए जा रहे हैं
वहीं, शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि मेरे खिलाफ झूठी कार्रवाई, झूठे सबूत लोगों को मार-पीटकर बनाए जा रहे हैं। ये सिर्फ महाराष्ट्र और शिवसेना को कमजोर करने के लिए है लेकिन महाराष्ट्र और शिवसेना कमजोर नहीं होगी। संजय राउत झुकेगा नहीं और पार्टी भी नहीं छोड़ेगा।
इस बीच शिवसेना सांसद विनायक राउत ने कहा कि हम ईडी या सरकार के सामने नहीं झुकेंगे। हम शिवसेना के लिए लड़ते रहेंगे। हमें उन पर गर्व है, उन्हें महाराष्ट्र की जनता का पूरा समर्थन है।
#WATCH | Mumbai: ED officials arrive at the ED office with Shiv Sena leader Sanjay Raut after he was detained from his residence pic.twitter.com/sfHPKQHwnW
— ANI (@ANI) July 31, 2022
राउत के वकील ने कहा, ईडी ने दस्तावेज जब्त किए
शिवसेना नेता संजय राउत के वकील विक्रांत सबने ने कहा कि उन्होंने (ईडी) प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट सीज किया है जो उन्हें महत्वपूर्ण लगे हैं, लेकिन उन्होंने पात्रा चॉल से संबंधित कोई डॉक्यूमेंट नहीं लिया है। हमने ईडी का ताजा समन स्वीकार कर लिया है। संजय राउत को पूछताछ के लिए लाया गया है। उन्होंने दावा किया कि ईडी ने आज सुबह संजय राउत को नया समन दिया है। उसी आधार पर संजय राउत बयान दर्ज कराने ईडी कार्यालय पहुंचे हैं। उन्हें न तो गिरफ्तार किया गया है और न ही हिरासत में लिया गया है।
इससे पहले संजय राउत को 27 जुलाई को ईडी ने तलब किया था। हालांकि, वह अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुए थे। इसके बाद ईडी के अधिकारी उनके घर पहुंचे। राउत पर जांच में सहयोग न करने का आरोप है। सूत्रों की मानें तो अगर संजय राउत ईडी के सवालों का जवाब नहीं देते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है।
#WATCH | Mumbai: Shiv Sena leader Sanjay Raut being taken by ED officials along with them after he was detained in connection with Patra Chawl land scam case from his residence pic.twitter.com/VtjjuQJhxM
— ANI (@ANI) July 31, 2022
संजय राउत के भाई का बयान
संजय राउत के भाई सुनील राउत ने कहा कि सुबह करीब सात बजे 20-22 अधिकारी तलाशी वारंट लेकर संजय राउत के आवास पर पहुंचे, लेकिन उन्हें पात्रा चॉल मामले से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं मिला। गिरफ्तार होने के बाद भी वह झुकने वाले नहीं हैं। कोई दस्तावेज जब्त नहीं किया गया, कोई पूछताछ नहीं की गई। उन्होंने कहा कि उद्धव के करीबी होने की वजह से उनके भाई को परेशान किया जा रहा है।
पात्रा चॉल मामले में जांच एजेंसी ने अप्रैल में संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत और उनके दो सहयोगियों से जुड़ी 11.15 करोड़ की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया था। ईडी ने संजय राउत से संबंधित मुंबई से सटे पालघर की जमीन, दादर का फ्लैट और अलीबाग के पास किहिम की जमीन को सीज कर दिया। इसमें से कुछ जमीन उनके करीबी प्रवीण राउत की है और कुछ जमीन वर्षा और स्वप्ना सुजीत पाटकर के नाम पर है। सुजीत की एक शराब कारोबार की कंपनी है जिसमें संजय राउत की बेटी पार्टनर है। सुजीत पाटकर के घर छापे में ईडी को कुछ अहम दस्तावेज मिले हैं जिससे संजय राउत का लिंक मिला है। इसी आधार पर ईडी ने संजय राउत पर शिकंजा कसा है।
ईडी के अधिकारी शिवसेना नेता संजय राउत को मुंबई में उनके आवासीय परिसरों पर छापेमारी के बाद हिरासत में लेने के बाद अपने साथ ले गए थे।
#WATCH | Mumbai: Earlier visuals of Shiv Sena leader Sanjay Raut when he was taken to the ED office after being detained by ED officials from his residence pic.twitter.com/nZrWKecNeI
— ANI (@ANI) July 31, 2022
दो दिन पहले स्वप्ना को दी थी धमकी, मामला दर्ज
संजय राउत पर दो दिन पहले उनके करीबी रहे सुजीत पाटकर की पत्नी स्वप्ना पाटकर ने फोन पर धमकाने का आरोप लगाया था। यह ऑडियो क्लिप वायरल हो गया है। स्वप्ना का दावा है कि इस क्लिप में राउत एक जमीन को अपने और सुजीत के नाम ट्रांसफर करने के लिए कह रहे हैं। इस दौरान वह गाली-गलौज की भाषा में बात कर रहे हैं। इसमें 17 सेकेंड में 27 गालियां हैं। यहां तक कि उन्होंने कहा, इस कॉल को रिकॉर्ड कर और पुलिस को भेज दे। जो चाहे कर। लेकिन जमीन को सुजीत और मेरे नाम पर ट्रांसफर कर दे। स्वप्ना ने सांताक्रूज के वाकोला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद पुलिस ने मामला भी दर्ज कर लिया है।
1039.79 करोड़ का है पात्रा चॉल घोटाला
मुंबई पश्चिमी उपगनर के गोरेगांव स्थित सिद्धार्थ नगर के पात्रा चॉल के 47 एकड़ जमीन पर 672 परिवारों के घरों के पुनर्विकास के लिए साल 2007 में सोसायटी द्वारा महाराष्ट्र हाउसिंग डेवलपमेंड अथॉरिटी (म्हाडा) और गुरू कंस्ट्रक्शन कंपनी के बीच करार हुआ था। इस करार के तहत कंपनी को साढ़े तीन हजार से ज्यादा फ्लैट बनाकर म्हाडा को देने थे। उसके बाद बची हुई जमीन प्राइवेट डेवलपर्स को बेचनी थी। डीएचआईएल के राकेश वधावन, सारंग वधावन, प्रवीण राउत और गुरू आशीष इस कंपनी के निदेशक थे। आरोप है कि कंपनी ने म्हाडा को गुमराह कर पात्रा चॉल की एफएसआई 9 अलग-अलग बिल्डरों को बेच कर 901 करोड़ रुपये जमा किए। उसके बाद मिडोज नामक एक नया प्रोजेक्ट शुरू कर फ्लैट बुकिंग के नाम पर 138 करोड़ रुपये वसूले गए। लेकिन 672 लोगों को उनका मकान नहीं दिया गया। इस तरह पात्रा चॉल घोटाले में 1039.79 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ। उसके बाद 2018 में म्हाडा ने गुरू कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया।
पात्रा चॉल का संजय राउत कनेक्शन
गुरु कंस्ट्रक्शन कंपनी के निदेशक रहे प्रवीण राउत, संजय राउत के करीबी हैं। ईडी ने प्रवीण को फरवरी 2022 में गिरफ्तार कर लिया था। बताते हैं कि पात्रा चॉल घोटाले से प्रवीण ने 95 करोड़ रुपये कमाए और वह पैसा अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को बांटा था। इसमें से 55 लाख रुपये संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत के खाते में आए थे। इस रकम से राउत ने दादर में फ्लैट खरीदा था। ईडी वर्षा राउत से पूछताछ कर चुकी है। वर्षा ने बताया था कि ये पैसे उन्होंने फ्लैट खरीदने के लिए प्रवीण राउत की पत्नी माधुरी से लिए थे। ईडी की पूछताछ के बाद वर्षा ने पैसे माधुरी के खाते में ट्रांसफर कर दिए।