फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Sanjay Raut denies INDIA MVA breakup reports Said If we do not keep India alive opposition will not survive

'INDIA': 'अगर हम इंडिया को जिंदा नहीं रखेंगे तो विपक्ष नहीं बचेगा', राउत का बयान; मोहन भागवत पर भी किया पलटवार

Tue, 14 Jan 2025 11:23 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 14 Jan 2025 11:23 AM IST
सार

संजय राउत ने कहा, 'हमने कहा है कि स्थानीय निकाय चुनाव कार्यकर्ताओं का चुनाव है, वहां गठबंधन बनाना मुश्किल होता, लेकिन इसमें कोई शक नहीं है कि विधानसभा और लोकसभा में गठबंधन होगा। जिस तरह की खबरें आ रही हैं कि 'INDIA' या महाविकास अघाड़ी टूट गया है, ऐसा नहीं है।'

विज्ञापन
Sanjay Raut denies INDIA MVA breakup reports Said If we do not keep India alive opposition will not survive
संजय राउत - फोटो : एएनआई

विस्तार

देश में विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' और महाराष्ट्र के महाविकास अघाड़ी में टूट की खबरों को शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने सिरे से नकार दिया है। उन्होंने कहा कि  इंडि गठबंधन निश्चित रूप से सर्वाइव करेगा। अगर हम विपक्षी गठबंधन को जिंदा नहीं रखेंगे, तो विपक्ष नहीं बचेगा, ये लोग विपक्ष को मार देंगे। ये सही है कि इंडि गठबंधन सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए बना था, लेकिन इसे बरकरार रखना देश की जरूरत है।

विज्ञापन


राउत ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के इस बयान पर भी आपत्ति जताई कि भारत की 'सच्ची आजादी' तब स्थापित हुई, जब अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख संविधान के निर्माता नहीं हैं, उन्होंने कहा कि भगवान राम का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
विज्ञापन


इससे पहले संजय राउत ने कहा, 'हमने कहा है कि स्थानीय निकाय चुनाव कार्यकर्ताओं का चुनाव है, वहां गठबंधन बनाना मुश्किल होता, लेकिन इसमें कोई शक नहीं है कि विधानसभा और लोकसभा में गठबंधन होगा। जिस तरह की खबरें आ रही हैं कि 'INDIA' या महाविकास अघाड़ी टूट गया है, ऐसा नहीं है।'
विज्ञापन
विज्ञापन


भागवत के बयान पर राउत ने यहां संवाददाताओं से कहा कि आरएसएस प्रमुख एक सम्मानित व्यक्ति हैं, लेकिन वे संविधान के निर्माता नहीं हैं। वे इस देश के कानूनों का मसौदा नहीं बनाते या उनमें बदलाव नहीं करते। रामलला के मंदिर का निर्माण वास्तव में देश के लिए गौरव का क्षण है और मंदिर निर्माण में सभी ने योगदान दिया है, लेकिन यह दावा करना गलत है कि देश अब स्वतंत्र हुआ है। भारत को 1947 में स्वतंत्रता मिली थी। ऐसे में भगवान राम का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।

पहले भी दी थी सफाई
इससे पहले विपक्षी गठबंधन इंडिया में फूट की अटकलों पर संजय राउत ने एक बार फिर सफाई दी थी। संजय राउत ने कहा था कि अगर सहयोगियों के बीच संवाद बंद हो जाए तो कोई भी गठबंधन सफल नहीं हो सकता। सहयोगी दलों के बीच संवाद कायम रखने के लिए जिम्मेदार नेताओं की नियुक्ति की जाए। विपक्षी गठबंधन इंडिया में यह भूमिका कांग्रेस को निभानी चाहिए। 

'सहयोगियों के खिलाफ चुनाव लड़ने में कुछ भी गलत नहीं'
उन्होंने कहा था कि गठबंधन सहयोगियों के खिलाफ चुनाव लड़ने में कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन ऐसे मामलों में किसी भी पार्टी को अपने पूर्व या संभावित भावी सहयोगियों को गद्दार नहीं कहना चाहिए। उन्होंने कहा था कि हम सभी राजनीतिक दलों की सामूहिक इच्छा इस देश के राजनीतिक परिदृश्य में आगे बढ़ाने की है। पिछले कुछ दिनों में हमारे कुछ गठबंधन सहयोगियों ने कहा है कि संचार टूट गया है। अगर यह आपसी संवाद टूट जाता है तो कोई भी गठबंधन सफल नहीं हो सकता।


'संवाद की कमी का सीधे तौर पर गठबंधन के टूटने में योगदान'
उन्होंने यह भी कहा था कि 2019 में शिवसेना-भाजपा गठबंधन इसलिए टूट गया था, क्योंकि दोनों के बीच संवाद बंद हो गया था। उचित संचार और संवाद की कमी ने सीधे तौर पर गठबंधन के टूटने में योगदान दिया। उन्होंने कहा था कि विपक्षी गठबंधन इंडिया में 30 राजनीतिक दल हैं। इन सभी के बीच संवाद बरकरार रखने के लिए कुछ जिम्मेदार नेताओं को नियुक्त करने की जरूरत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed