{"_id":"5d5491938ebc3e6cef2b3100","slug":"sanitation-survey-of-villages-started-to-be-honored-on-2-october","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"स्वच्छ ग्रामीण सर्वे : गांवों का स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू, 2 अक्तूबर को मिलेगा सम्मान ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
स्वच्छ ग्रामीण सर्वे : गांवों का स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू, 2 अक्तूबर को मिलेगा सम्मान
Thu, 15 Aug 2019 04:26 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Thu, 15 Aug 2019 04:26 AM IST
सार
- एप के माध्यम से की जा रही स्वच्छता रायशुमारी, तीन करोड़ लोग लेंगे हिस्सा
- इस बार 700 जिलों के 17,475 हजार गांव शामिल
- पिछले बार सर्वे में शिरकत कर चुके हैं 1.5 करोड़ लोग
विज्ञापन
स्वच्छता सर्वेक्षण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शहरों की तर्ज पर देश के गांवों का स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान शुरू हो गया है। इसमें 45 दिनों के भीतर 17,575 गांवों में साफ-सफाई का आकलन करेगी। इस दौरान टीम प्लास्टिक और कूड़े के निस्तारण और ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता की जांच करेगी। विजेताओं की घोषणा 2 अक्तूबर महात्मा गांधी की 150वीं पुण्यतिथि पर गुजरात में दिए जाएंगे।
मंत्रालय का यह दूसरा सर्वेक्षण है, पहले सर्वेक्षण में छह हजार गांवों में स्वच्छता का आकलन किया गया था। मंगलवार को दिल्ली में हुए कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत जल शक्ति मंत्रालय ने ऐलान किया कि कामों की निष्पक्ष जांच के लिए थर्ड पार्टी सर्वेक्षण कराया जा रहा है। इसमें गांवों की आंगनबाड़ियों, सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक शौचालयों, बाजारों और धमक स्थानों जैसे लगभग 87,250 सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छता सर्वेक्षण में शामिल किया जाएगा।
इसमें 2,50,000 नागरिकों से प्रत्यक्ष रूप से बातचीत करके रिपोर्ट को तैयार किया जाएगा। यह देश का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण है। इसमें 700 जिलों के 17,475 हजार गांव इसमें शामिल होंगे। इसके अलावा सीधे मोबाइल एप के माध्यम से भी लोग अपने गांव की साफ-सफाई पर रायशुमारी कर सकेंगे। पिछले बार सर्वे में डेढ़ करोड़ लोगों ने हिस्सा लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंत्रालय का यह दूसरा सर्वेक्षण है, पहले सर्वेक्षण में छह हजार गांवों में स्वच्छता का आकलन किया गया था। मंगलवार को दिल्ली में हुए कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत जल शक्ति मंत्रालय ने ऐलान किया कि कामों की निष्पक्ष जांच के लिए थर्ड पार्टी सर्वेक्षण कराया जा रहा है। इसमें गांवों की आंगनबाड़ियों, सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक शौचालयों, बाजारों और धमक स्थानों जैसे लगभग 87,250 सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छता सर्वेक्षण में शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
इसमें 2,50,000 नागरिकों से प्रत्यक्ष रूप से बातचीत करके रिपोर्ट को तैयार किया जाएगा। यह देश का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण है। इसमें 700 जिलों के 17,475 हजार गांव इसमें शामिल होंगे। इसके अलावा सीधे मोबाइल एप के माध्यम से भी लोग अपने गांव की साफ-सफाई पर रायशुमारी कर सकेंगे। पिछले बार सर्वे में डेढ़ करोड़ लोगों ने हिस्सा लिया था।
विज्ञापन
बाढ़ प्रूफ शौचालय जल्द
इस बार लक्ष्य तीन करोड़ लोगों से फीडबैक लेने का है। 100 नंबर के सर्वेक्षण में सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता पर 30 फीसदी अंक, 35 अंक एप आधारित फीडबैक, 35 अंक सेवाओं और 35 अंक नागरिक सुविधाओं के आधार पर दिए जाएंगे।
सर्वे का मुख्य उद्देश्य बड़े पैमाने पर समाज के सभी वर्गों के बीच जागरूकता बढ़ाने और गांवों की साफ सफाई के हालात बेहतर करना है। ताकि अधिक से अधिक जन-सहभागिता बढ़े और उन्हें पुरस्कृत किया जा सके। ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व स्वस्थ रहने की भावना के साथ सेवाओं में लगातार सुधार से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना जाग्रत करना है।
- गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय
बाढ़ प्रभावित इलाकों में शौचालयों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने बताया भूजल की प्रचुरता वाले और बाढ़ प्रभावित इलाकों में शौचालयों को ऊंचाई पर बनाया जा रहा है। बिहार, उड़ीसा और महाराष्ट्र में बाढ़ प्रूफ शौचालय बनाए जाएंगे। इसके लिए मंत्रालय हालात की समीक्षा करेगा और उसके बाद इसकी कार्ययोजना बनाई जाएगी।
सर्वे का मुख्य उद्देश्य बड़े पैमाने पर समाज के सभी वर्गों के बीच जागरूकता बढ़ाने और गांवों की साफ सफाई के हालात बेहतर करना है। ताकि अधिक से अधिक जन-सहभागिता बढ़े और उन्हें पुरस्कृत किया जा सके। ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व स्वस्थ रहने की भावना के साथ सेवाओं में लगातार सुधार से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना जाग्रत करना है।
- गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय
बाढ़ प्रभावित इलाकों में शौचालयों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने बताया भूजल की प्रचुरता वाले और बाढ़ प्रभावित इलाकों में शौचालयों को ऊंचाई पर बनाया जा रहा है। बिहार, उड़ीसा और महाराष्ट्र में बाढ़ प्रूफ शौचालय बनाए जाएंगे। इसके लिए मंत्रालय हालात की समीक्षा करेगा और उसके बाद इसकी कार्ययोजना बनाई जाएगी।