शरजिल के बाद अफजल गुरु निर्दोष और सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ नारे, पात्रा ने ट्वीट किया वीडियो

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Mon, 27 Jan 2020 08:56 AM IST
संबित पात्रा ने विवादित बयान देने वाली लड़की का वीडियो शेयर किया है
संबित पात्रा ने विवादित बयान देने वाली लड़की का वीडियो शेयर किया है - फोटो : Twitter
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र शरजील इमाम ने असम को भारत से अलग करने का बयान देने के बाद अब एक और कथित विवादित वीडियो सामने आया है। जिसमें एक युवती नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) का विरोध कर रही है। प्रदर्शनकारी संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को निर्दोष बताते हुए देश की सर्वोच्च अदालत पर सवाल खड़े कर रही है।
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प्रदर्शनकारी के वीडियो को भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्विटर पर शेयर किया है। यह वीडियो दिल्ली के शाहीन बाग का बताया जा रहा है। हालांकि शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने शरजिल इमाम के वीडियो से किनारा करते हुए कहा था कि उसने शाहीन बाग में ऐसा बयान नहीं दिया था।


वीडियो को ट्वीट करते हुए पात्रा ने लिखा, 'अब उस नापाक शरजील इमाम के बाद जरा इस मोहतरमा को भी सुन लीजिए- 'हमें किसी पे भरोसा नहीं है' 'इस सुप्रीम कोर्ट पर भी विश्वास नहीं।' अफजल गुरु निर्दोष था। रामजन्मभूमि पर मस्जिद बननी थी। दोस्तों इतने जहर की खेती (वो भी बड़े पैमाने पर उत्पादन) इन कुछ ही दिनो में तो नहीं हुई होगी?'

अफजल को सामूहिक चेतना के लिए फांसी पर चढ़ाया

विवादित वीडियो में युवती कहती है, 'हम सीएए-एनआरसी की वजह से उतरे हैं, सिर्फ उसके खिलाफ नहीं उतरे हैं। हमें एहसास हो रहा है कि हम न सरकार पर भरोसा कर सकते हैं और न उच्चतम न्यायालय पर। उच्चतम न्यायालय ने अफजल गुरु को इंडिया की 'सामूहिक चेतना' के लिए फांसा पर चढ़ाया था। आज पता चलता है कि अफजल गुरु का संसद पर हमले में कोई हाथ नहीं था। अदालत पहले कहती है कि बाबरी मस्जिद के नीचे कोई मंदिर नहीं था, ताला तोड़ना गलत था, मस्जिद गिराना गलत है और फिर कहती है कि यहां मंदिर बनेगा।'
 

असम के अलग होने पर सुनेंगे बात: शरजिल इमाम

भड़काऊ वीडियो में शरजिल कहता है, 'भारत और असम अलग हो जाएं, तभी वे हमारी बात सुनेंगे। क्या आपको पता है असम में मुसलमानों का क्या हाल है? वहां एनआरसी लागू हो गया है। मुस्लिमों को हिरासत केंद्र में डाला जा रहा है। छह-आठ महीनों में पता चलेगा कि वहां सारे बंगालियों को मार दिया गया। यदि हमें असम की मदद करनी है तो असम का रास्ता बंद करना होगा।'

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