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महाराष्ट्र: अब भाजपा ने खेला 'संभाजीनगर' का कार्ड, शिवसेना को घेरा
Mon, 04 Jan 2021 10:55 PM IST
सुरेंद्र जोशी
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 04 Jan 2021 10:55 PM IST
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चंद्रकांत पाटिल
- फोटो : फाइल
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महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर का नाम बदलकर संभाजीनगर रखने की शिवसेना की मुहिम को अब भाजपा ने धार दे दी है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने भी संभाजीनगर कार्ड खेला है। उन्होंने सोमवार को कहा कि औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर किए जाने का फैसला 'सबको स्वीकार है। अगर उनकी पार्टी औरंगाबाद महानगरपालिका चुनाव के बाद सत्ता में आती है तो वह इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित करेगी।'
पाटिल ने शिवसेना को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जो पार्टी कई वर्षों से नाम परिवर्तन की समर्थक रही है, अब वह इसका लगातार विरोध करने वाली कांग्रेस के साथ सत्ता में है। पाटिल ने पत्रकारों से कहा कि औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर रखना सभी को स्वीकार है। फिर नाम क्यों नहीं बदलते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इसका विरोध किया है। शिवसेना को अपनी सरकार चलाने के लिए कांग्रेस के सहयोग की जरूरत है। अब शिवसेना को यह फैसला करना होगा कि क्या वह इस मुद्दे पर सरकार में बनी रहेगी।
बाल ठाकरे ने 1988 में की थी मांग
शिवसेना प्रमुख स्व. बाल ठाकरे ने 1988 में यानी तीन दशक पहले औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर करने की मांग की थी। इस संबंध में जून 1995 में औरंगाबाद महानगरपालिका में एक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसे बाद में कांग्रेस के एक पार्षद ने उच्च न्यायालय और फिर उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। इसके बाद से औरंगाबाद का नाम बदलने की योजना खटाई में है।
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एनसीपी ने भी मिलाया कांग्रेस के सुर में सुर, आंबेडकर बोले, पुणे का नाम रखे संभाजी नगर
औरंगाबाद के नामांतरण के मुद्दे पर पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने भी कांग्रेस के सुर में सुर मिलाया है। सोमवार को एनसीपी प्रवक्ता व राज्य के अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि औरंगाबाद का नाम बदलने का मामला महाविकास आघाड़ी सरकार का एजेंडा नहीं है। वहीं, वंचित विकास आघाड़ी के नेता प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि पुणे का नाम संभाजी नगर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि औरंगाबाद से संभाजी महाराज का कोई संबंध नहीं रहा। उनकी समाधि पुणे के भीमा-कोरेगांव के पास है।
महाराष्ट्र का नाम बदलकर शिवाजी महाराज राष्ट्र रख दें-आजमी
उधर, महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी अध्यक्ष व विधायक अबु आसिम आजमी ने भी औरंगाबाद का नाम बदलने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अगर बदलना है तो महाराष्ट्र का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी राष्ट्र रख दें। उन्होंने कहा कि शहरों का नाम बदलने से कोई विकास या उन्नति नहीं हो सकती। बनाना ही है तो दो-चार नए जिले बना दीजिए। यदि नाम ही बदलना है तो छत्रपति शिवाजी महाराज की राजधानी रायगढ़ का नाम बदलकर संभाजी नगर कर दें। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से अपील की है कि आप उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की तरह काम न करें।
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पाटिल ने शिवसेना को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जो पार्टी कई वर्षों से नाम परिवर्तन की समर्थक रही है, अब वह इसका लगातार विरोध करने वाली कांग्रेस के साथ सत्ता में है। पाटिल ने पत्रकारों से कहा कि औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर रखना सभी को स्वीकार है। फिर नाम क्यों नहीं बदलते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इसका विरोध किया है। शिवसेना को अपनी सरकार चलाने के लिए कांग्रेस के सहयोग की जरूरत है। अब शिवसेना को यह फैसला करना होगा कि क्या वह इस मुद्दे पर सरकार में बनी रहेगी।
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बाल ठाकरे ने 1988 में की थी मांग
शिवसेना प्रमुख स्व. बाल ठाकरे ने 1988 में यानी तीन दशक पहले औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर करने की मांग की थी। इस संबंध में जून 1995 में औरंगाबाद महानगरपालिका में एक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसे बाद में कांग्रेस के एक पार्षद ने उच्च न्यायालय और फिर उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। इसके बाद से औरंगाबाद का नाम बदलने की योजना खटाई में है।
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एनसीपी ने भी मिलाया कांग्रेस के सुर में सुर, आंबेडकर बोले, पुणे का नाम रखे संभाजी नगर
औरंगाबाद के नामांतरण के मुद्दे पर पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने भी कांग्रेस के सुर में सुर मिलाया है। सोमवार को एनसीपी प्रवक्ता व राज्य के अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि औरंगाबाद का नाम बदलने का मामला महाविकास आघाड़ी सरकार का एजेंडा नहीं है। वहीं, वंचित विकास आघाड़ी के नेता प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि पुणे का नाम संभाजी नगर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि औरंगाबाद से संभाजी महाराज का कोई संबंध नहीं रहा। उनकी समाधि पुणे के भीमा-कोरेगांव के पास है।
महाराष्ट्र का नाम बदलकर शिवाजी महाराज राष्ट्र रख दें-आजमी
उधर, महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी अध्यक्ष व विधायक अबु आसिम आजमी ने भी औरंगाबाद का नाम बदलने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अगर बदलना है तो महाराष्ट्र का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी राष्ट्र रख दें। उन्होंने कहा कि शहरों का नाम बदलने से कोई विकास या उन्नति नहीं हो सकती। बनाना ही है तो दो-चार नए जिले बना दीजिए। यदि नाम ही बदलना है तो छत्रपति शिवाजी महाराज की राजधानी रायगढ़ का नाम बदलकर संभाजी नगर कर दें। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से अपील की है कि आप उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की तरह काम न करें।