फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Samata Party delegation meets Maha CM Eknath Shinde to seek help in getting back flaming torch symbol

Maharashtra: समता पार्टी की सीएम शिंदे से गुहार, ठाकरे गुट से 'धधकती मशाल' चुनाव चिह्न वापस लेने में मदद करें

Wed, 22 Feb 2023 02:06 PM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, ठाणे
पीटीआई, ठाणे Published by: संजीव कुमार झा Updated Wed, 22 Feb 2023 02:06 PM IST
सार

 बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दिवंगत नेता जॉर्ज फर्नांडिस द्वारा 1994 में गठित समता पार्टी ने पिछले साल अक्टूबर में ठाकरे की पार्टी के चुनाव चिह्न के आवंटन के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की थी और इसके खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का भी रुख किया था।

विज्ञापन
Samata Party delegation meets Maha CM Eknath Shinde to seek help in getting back flaming torch symbol
धधकती मशाल चिह्न - फोटो : Social Media

विस्तार

बिहार से समता पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने यहां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की और उद्धव के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट को आवंटित उसका मशाल वापस लेने में मदद मांगी। पार्टी अध्यक्ष उदय मंडल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार शाम को ठाणे में शिंदे के कार्यालय में मुलाकात की। शिंदे के कार्यालय ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से यह जानकारी साझा की।

विज्ञापन


यह बैठक चुनाव आयोग (ईसी) द्वारा शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता देने और उसे 'धनुष और तीर' चिन्ह आवंटित करने के कुछ दिनों बाद हुई है।  समता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने शिंदे को बताया कि समता पार्टी बिहार की एक पुरानी राजनीतिक पार्टी है और उसका चुनाव चिन्ह मशाल है। हालांकि महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन के बाद चुनाव आयोग ने इसे ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट को आवंटित कर दिया। प्रतिनिधिमंडल ने शिंदे से यह भी कहा कि वे चुनाव चिह्न वापस पाने के चुनाव आयोग के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देंगे।
विज्ञापन


प्रतिनिधिमंडल ने सीएम शिंदे से समता पार्टी का चुनाव चिन्ह वापस पाने में मदद मांगी, जिस तरह से उनके गुट को 'धनुष और तीर' का चुनाव चिह्न मिला था।  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दिवंगत नेता जॉर्ज फर्नांडिस द्वारा 1994 में गठित समता पार्टी ने पिछले साल अक्टूबर में ठाकरे की पार्टी के चुनाव चिह्न के आवंटन के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की थी और इसके खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया था, लेकिन उच्च न्यायालय ने मामले को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि उसे पार्टी के चुनाव चिन्ह तय करने का कोई अधिकार नहीं है। साल 2004 में चुनाव आयोग द्वारा समता पार्टी की मान्यता रद्द कर दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


चुनाव आयोग ने पिछले साल ठाकरे गुट को जलती मशाल का चुनाव चिह्न आवंटित करते हुए कहा था कि चुनाव चिह्न मुक्त प्रतीकों की सूची में नहीं था और यह अब अमान्य हो चुकी समता पार्टी का पूर्व में आरक्षित प्रतीक था, लेकिन इसने इसे आवंटित करने का फैसला किया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed