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UP Bypoll Results: उपचुनाव में समाजवादी पार्टी को ऐसे मिली ऑक्सीजन! क्या चाचा शिवपाल लगाएंगे अब नैया पार

Thu, 08 Dec 2022 10:17 PM IST
Amit Mandal आशीष तिवारी, नई दिल्ली।
आशीष तिवारी, नई दिल्ली। Published by: Amit Mandal Updated Thu, 08 Dec 2022 10:17 PM IST
सार

सियासत को समझने वाले राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मैनपुरी में समाजवादी पार्टी की पूर्व सांसद डिंपल यादव को मिली बंपर जीत मुलायम सिंह यादव के लिए सहानुभूति का उमड़ा हुआ जनसमर्थन है।

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Samajwadi Party got oxygen in the by-elections! Will  Shivpal play important role now
akhilesh yadav and shivpal yadav - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश में हुए उपचुनाव में समाजवादी पार्टी को मिली जीत से साइकिल की रफ्तार बढ़ने का अनुमान लगाया जाने लगा है। दरअसल, यह अनुमान सिर्फ चुनावी जीत ही नहीं बल्कि परिवार के आपसी मिलन के साथ भी लगाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजनीति को करीब से समझने वालों का कहना है कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के साथ जुड़ने से पार्टी को मजबूती मिलेगी। हालांकि इस सियासी जीत के साथ अब समाजवादी पार्टी के लिए पहली परीक्षा उत्तर प्रदेश में होने वाले निकाय चुनाव होंगे।  

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मुलायम सिंह यादव के लिए सहानुभूति का उमड़ा हुआ जनसमर्थन
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के साथ ही समाजवादी पार्टी विपक्ष की भूमिका में तो रही लेकिन उपचुनावों में उतना बेहतर नहीं कर सकी। राजनीतिक विश्लेषण जीडी शुक्ला कहते हैं कि चाहे आजमगढ़ का उपचुनाव हो या लखीमपुर की गोला गोकर्णनाथ की सीट, समाजवादी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। शुक्ला कहते हैं कि मैनपुरी और खतौली समेत रामपुर के उपचुनाव में समाजवादी पार्टी ने जिस तरीके से चुनाव लड़ा उससे सपा को आने वाले दिनों में राजनैतिक ऑक्सीजन मिलने का रास्ता साफ हो रहा है, लेकिन चुनौतियां बहुत ज्यादा हैं। सियासत को समझने वाले राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मैनपुरी में समाजवादी पार्टी की पूर्व सांसद डिंपल यादव को मिली बंपर जीत मुलायम सिंह यादव के लिए सहानुभूति का उमड़ा हुआ जनसमर्थन है। हालांकि जीत जीत ही होती है और इससे कार्यकर्ताओं से लेकर पार्टी में उत्साह बना रहता है।
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राजनीतिक विश्लेषक जी के त्यागी कहते हैं कि सिर्फ मैनपुरी ही नहीं बल्कि खतौली में जिस तरीके से सपा और राष्ट्रीय लोक दल के प्रत्याशी को जीत मिली है वह भी उपचुनाव में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। त्यागी कहते हैं कि इस जीत का सियासी मतलब आने वाले दिनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में निकाय चुनाव में भी देखने को मिलेगा। त्यागी बताते हैं कि समाजवादी पार्टी के लिए खतौली और मैनपुरी सीट का जीतना आने वाले दिनों में होने वाले निकाय चुनावों के लिए न सिर्फ बड़ी उम्मीद बने हैं बल्कि कार्यकर्ताओं में इसका पॉजिटिव असर भी दिख सकता है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जब लगातार उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीतती आ रही है ऐसे में समाजवादी पार्टी का चुनाव जीतना पार्टी को बड़ी राहत देने वाला है।
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समाजवादी पार्टी में पारिवारिक विघटन समाप्त
राजनीतिक विश्लेषक जीडी शुक्ला कहते हैं कि मैनपुरी के चुनाव को समाजवादी पार्टी की भविष्य की रणनीतियों के लिहाज से दो तरीके से समझना जरूरी है। पहला तो यह कि समाजवादी पार्टी के संरक्षक रहे मुलायम सिंह यादव की सीट पर उनकी बहू डिंपल यादव बंपर वोटों से जीत गई है। निश्चित तौर पर इस जीत को समाजवादी पार्टी आने वाले दिनों में तमाम चुनावी मैदानों में आगे बढ़ाने की रणनीति बनाएगी। शुक्ला कहते हैं और दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी में जो पारिवारिक विघटन था वह समाप्त हो गया। उनका कहना है कि अब अनुमान तो यही लगाया जा रहा है कि शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के एक होने से पार्टी को मजबूती मिलेगी। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि समाजवादी पार्टी को चुनाव में मिली जीत की पहली परीक्षा अब जल्द होने वाले निकाय चुनाव में होगी।

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