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Maharashtra: महाराष्ट्र के अगले डीजीपी होंगे एनआईए चीफ सदानंद दाते? राज्य में वापसी के बाद तेज हुईं अटकलें

Tue, 23 Dec 2025 08:03 PM IST
अमन तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: अमन तिवारी Updated Tue, 23 Dec 2025 08:03 PM IST
सार

एनआईए प्रमुख और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सदानंद वसंत दाते को महाराष्ट्र कैडर में वापस भेज दिया गया है। रश्मि शुक्ला के सेवानिवृत्त होने के बाद उनके राज्य के अगले पुलिस महानिदेशक बनने की संभावना जताई जा रही है। 
 

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Sadanand Vasant Date maharashtra new dgp nia chief return Rashmi Shukla Retirement NIA Chief
सदानंद वसंत दाते - फोटो : ANI

विस्तार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सदानंद वसंत दाते को महाराष्ट्र वापस भेज दिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि वह अगले महीने रश्मि शुक्ला के सेवानिवृत्त होने के बाद महाराष्ट्र के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का पद संभाल सकते हैं।
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देर रात कैबिनेट से आदेश हुआ जारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने सोमवार देर रात एक आधिकारिक आदेश जारी कर सदानंद दाते को तत्काल प्रभाव से महाराष्ट्र कैडर में भेजने के गृह मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी दाते को मार्च 2024 में एनआईए का प्रमुख नियुक्त किया गया था, लेकिन राज्य में नेतृत्व की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें समय से पहले वापस बुलाया गया है।
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26/11 हमले के रहे हैं हीरो
26/11 के हीरो के रूप में जाने जाने वाले दाते महाराष्ट्र पुलिस के महानिदेशक बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं क्योंकि शुक्ला का कार्यकाल अगले साल तीन जनवरी को खत्म हो रहा है। बता दें कि दाते को 26/11 मुंबई आतंकी हमले में उनकी भूमिका के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। उस समय वे मध्य क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त थे।

26 नवंबर, 2008 की उस रात को दाते को छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के पास और बाद में कामा अस्पताल में आतंकवादियों द्वारा अंधाधुंध फायरिंग के बारे में एक कॉल आया। कुछ ही देर पहले, 10 आतंकवादी समुद्र के रास्ते मुंबई पहुंचे थे और पूरे शहर में फैल गए थे। इस दौरान दाते और उनकी टीम ने कामा अस्पताल की छत पर लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादियों - अजमल कसाब और अबू इस्माइल को घेर लिया था, इस दौरान आतंकवादियों ने कई ग्रेनेड फेंके और अंधाधुंध फायरिंग की।


हमले के दौरान हुए थे घायल
आतंकियों के फेंके गए ग्रेनेड के हमले में दाते गंभीर रूप से घायल हुए थे। आज भी उनके शरीर में ग्रेनेड के धातु के टुकड़े फंसे हुए हैं, जिसमें एक उनकी आंख के पास भी है और वह इन स्थायी निशानों को चोटों के रूप में नहीं, बल्कि युद्ध क्षेत्र से लाए गए पदक के रूप में देखते हैं। 

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59 साल के दाते, जो महाराष्ट्र एटीएस के चीफ थे, उन्होंने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन में डीआईजी, सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) में आईजी (ऑपरेशंस), और मुंबई के पास मीरा-भयंदर और वसई-विरार शहर के पुलिस कमिश्नर के तौर पर भी काम किया है। पुलिस सेवा के साथ-साथ वे शिक्षा के क्षेत्र में भी अव्वल रहे हैं। उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय से आर्थिक अपराधों में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है।

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