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सबरीमाला मामला : अयप्पा मंदिर मसले पर फूंक-फूंक कर कदम रख रही केरल सरकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सबरीमाला
Updated Tue, 06 Nov 2018 01:15 AM IST
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सबरीमाला मामले पर मचे सियासी घमासान के बीच केरल की वाम मोर्चे की सरकार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। सरकार ने कहा है कि वह सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश सुनिश्चित कराने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हर हाल में पालन करेगी। हालांकि उसने सबरीमाला में केवल 50 साल से ज्यादा उम्र की 15 महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। इस फैसले पर भाजपा और कांग्रेस ने खुशी जताई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा पुनरीक्षण याचिका दायर नहीं करने को लेकर दोनों दलों ने वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
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दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने हाल के अपने फैसले में 10 से 50 साल की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर से रोक हटा दी थी। अधिकारियों ने कहा कि मंदिर की सुरक्षा में 50 साल से ज्यादा उम्र की महिला पुलिसकर्मियों को ही तैनात किया गया है। जबकि युवा महिलाओं को निलक्कल आधार शिविर से पंबा तक पांच किलोमीटर के रास्ते पर तैनात किया गया है।
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कांग्रेस नेता एम एम हासन ने कहा है कि सरकार के फैसले में कोई दोष नहीं है। मंदिर परिसर में युवा महिला पुलिसकर्मियों को तैनात करने से श्रद्धालु भड़क जाएंगे। वहीं तिरुवनंतपुरम जिला भाजपा अध्यक्ष एस सुरेश ने कहा कि मंदिर परिसर में रजोनिवृत्ति की उम्र वाली महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती सदियों पुरानी परंपरा है।
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कपाट खुले, 30 वर्षीय महिला ने मंदिर प्रवेश के लिए मांगी सुरक्षा
सबरीमाला के अयप्पा मंदिर के कपाट सोमवार को तीन हफ्ते में दूसरी बार खुले। इस बीच मंदिर में प्रवेश और पूजा करने के लिए 30 वर्षीय एक महिला ने हंगामा के डर से सुरक्षा देने की मांग की है। हालांकि इस पर केरल पुलिस की राय आपस में बंटी हुई है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि महिला ने सुरक्षा मांगी है, वहीं एसपी राहुल आर नायर का कहना है कि उन्होंने सुरक्षा की मांग नहीं की है।
सोमवार को कपाट खुलने के बाद मंदिर परिसर में फिर 10 से 50 साल की कोई लड़की या महिला नहीं दिखी। पुलिस ने कहा है कि अलपुझा जिले की अंजू नाम की महिला ने मंदिर जाने के लिए सुरक्षा मांगी है। वह अभी पंबा के पुलिस नियंत्रण कक्ष में हैं। उनके साथ उनका पति अभिलाष और दो बच्चे भी साथ हैं। उन्होंने कहा कि महिला को मंदिर ले जाया जाय या नहीं इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है। हालांकि अंजू का कहना है कि वह मंदिर में जाने की इच्छुक नहीं है और अपने पति के दबाव में पंबा आई है।
आज ‘विशेष पूजा’ के लिए फिर खुलेंगे कपाट
मंदिर के कपाट मंगलवार को त्रावणकोर के आखिरी राजा चिथिरा थिरुनल बलराम वर्मा के जन्मदिवस के मौके पर विशेष पूजा ‘श्री चित्रा अट्टा थिरुनल’ केलिए खुलेंगे। इस बीच, कई भाजपा नेता और अयप्पा धर्म सेना के अध्यक्ष राहुल ईस्वर सोमवार शाम को ‘सन्निधानम’ पहुंच गए।