फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   SabarimalaTemple Case: Supreme Court orders open court hearing in all the 49 review petitions

सबरीमाला के फैसले पर पुनर्विचार को सुप्रीम कोर्ट तैयार, 49 अर्जियों पर खुली अदालत में होगी सुनवाई

Tue, 13 Nov 2018 04:30 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 13 Nov 2018 04:30 PM IST
विज्ञापन
SabarimalaTemple Case: Supreme Court orders open court hearing in all the 49 review petitions
- फोटो : PTI

सुप्रीम कोर्ट ने केरल के सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने वाले अपने आदेश पर फिलहाल रोक लगाने से इंकार कर दिया है। हालांकि शीर्ष अदालत अपने 28 सितंबर को दिए आदेश पर पुनर्विचार करने के लिए तैयार हो गई है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने मंगलवार को कहा कि पुनर्विचार के लिए दाखिल 49 याचिकाओं पर 22 जनवरी को खुली अदालत में सुनवाई होगी।

विज्ञापन


चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस रोहिंग्टन फली नरीमन, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदु मल्होत्रा की मौजूदगी वाली पांच सदस्यीय पीठ ने इन याचिकाओं पर चेंबर में सुनवाई की। इसके बाद पीठ ने आदेश दिया कि शीर्ष अदालत की उपयुक्त पीठ इन याचिकाओं और सबरीमाला से जुड़े अन्य लंबित मामलों पर 22 जनवरी को ओपन कोर्ट में सुनवाई करेगी। इससे पहले 9 अक्तूबर को पुनर्विचार याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग को शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया था।
विज्ञापन


बता दें कि 28 सितंबर को तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने भगवान अयप्पा के सबरीमाला मंदिर के कपाट सभी आयु वर्ग की महिलाओं के लिए खोलने का आदेश दिया था। संविधान पीठ ने मंदिर में 10 से 50 साल तक की महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी की सदियों पुरानी प्रथा को असंवैधानिक व भेदभावपूर्ण बताया था। हालांकि इस निर्णय के बावजूद भगवान अयप्पा के भक्तों ने हिंसक आंदोलन चलाकर मंदिर के कपाट खुलने पर भी महिलाओं को प्रवेश नहीं करने दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी कहा पीठ ने-
- 28 सितंबर को दिए गए आदेश पर फिलहाल किसी भी तरह की रोक नहीं लगेगी
- पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई का मतलब पिछले फैसले को खारिज करना नहीं
- पुरानी याचिकाओं पर ही सुनवाई होगी किसी नई याचिका को अभी प्रक्रिया में जगह नहीं मिलेगी



 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed