Sabarimala Gold Case: सबरीमाला में पुजारी के सहायक ने चुराया था दो किलो सोना, एसआईटी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
Sabarimala Gold Row 2Kg Gold Scam: सबरीमाला मंदिर से सोना चोरी मामले में एसआईटी की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। मंदिर पुजारी के सहायक ने दो किलो सोना चोरी किया। आरोपी को अदालत ने 30 अक्टूबर तक विशेष जांच दल की हिरासत में भेज दिया है।
विस्तार
केरल के प्रसिद्ध हिंदू मंदिर सबरीमाला में सोना चोरी मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। सोना चोरी मामले की जांच कर रही टीम ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि मंदिर के द्वारपालक की मूर्तियों से लगभग दो किलो सोने का गबन किया गया।
एसआईटी ने अपनी रिमांड रिपोर्ट में कहा है कि आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी ने 2019 में द्वारपालक (संरक्षक देवता) की मूर्तियों पर इलेक्ट्रोप्लेटिंग का खर्चा उठाने के बाद उनसे लगभग दो किलोग्राम सोना चोरी किया। वहीं शुक्रवार को सबरीमाला द्वारपालका मूर्ति पर सोने की परत को तंत्री कंडारारू महेश मोहनारू की देखरेख में फिर से स्थापित किया गया।
#WATCH | Pathanamthitta, Kerala | The gold plating on the Sabarimala Dwarapalaka sculpture is being reinstalled under the supervision of the Tantri Kandararu Mahesh Mohanaru. pic.twitter.com/6C6p85IYFR
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 17, 2025
आरोपी को 30 अक्टूबर तक हिरासत में भेजा
जांच अधिकारी एस शशिधरन ने शुक्रवार (17 अक्तूबर) को रन्नी स्थित न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की अदालत में रिमांड रिपोर्ट दाखिल की, जहां पोट्टी को गिरफ्तार किया गया और रिमांड प्रक्रिया के तहत पेश किया गया। अदालत ने पोट्टी को 30 अक्टूबर तक विशेष जांच दल की हिरासत में भेज दिया है।
पुजारी के सहायक उन्नीकृष्णन पोट्टी ने की धोखाधड़ी
रिपोर्ट के अनुसार, 2004 से 2008 के बीच सबरीमाला मंदिर के पुजारी के सहायक के रूप में काम करने वाले उन्नीकृष्णन पोट्टी को 1998 में पता था कि द्वारपालक की मूर्तियों की तांबे की प्लेटें सोने से मढ़ी हुई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि पोट्टी ने इस जानकारी का इस्तेमाल धोखाधड़ी और आर्थिक लाभ कमाने के इरादे से किया, जिससे त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) को नुकसान हुआ।
आरोपी पोट्टी ने कथित तौर पर 2019 में द्वारपालक की मूर्तियों की "मरम्मत" के लिए एक आवेदन दायर किया था, जिनमें लगभग दो किलोग्राम सोना था। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्लेटों को हटाने के बाद उन्हें कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और अंततः चेन्नई के अंबत्तूर स्थित स्मार्ट क्रिएशन्स सहित कई स्थानों पर ले जाया गया।
रिपोर्ट में आगे बताया कि स्मार्ट क्रिएशंस की मदद से सोने से मढ़ी तांबे की प्लेटों से सोना निकाला गया। इसे छिपाने के लिए केवल 394.9 ग्राम सोने की पुनः परत चढ़ाई गई। बाद में इन प्लेटों को सबरीमाला वापस करने से पहले, मंदिर की परंपरा के विरुद्ध विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शित किया गया। इसमें यह भी बताया कि द्वारपालक की मूर्ति की प्लेटों से सोने की हेराफेरी करने के बाद पोट्टी ने बाद में सोने की परत चढ़ाने के काम के लिए अन्य दानदाताओं की पहचान की, लेकिन दान किए गए सोने का कथित तौर पर पूरी तरह से इच्छित उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं किया गया।
आरोपी को घर से हिरासत में ले लिया
रिमांड रिपोर्ट में आगे खुलासा हुआ कि 2019 में इलेक्ट्रोप्लेटिंग के बाद द्वारपालक प्लेटों को बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के पूजा के लिए चेन्नई, बेंगलुरु और केरल के कई घरों और मंदिरों में ले जाया गया था। पोट्टी की गिरफ्तारी पर एसआईटी ने कहा कि उन्हें गुरुवार को सूचना मिली थी कि वह फरार हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है, "जब संपर्क किया गया, तो उसका फोन बंद मिला। चूंकि अदालत ने जांच पूरी करने के लिए एक समय सीमा तय की थी, इसलिए उससे पूछताछ जरूरी थी। इसलिए निर्देशानुसार अपराध शाखा के उप-अधीक्षक सुरेश बाबू ने गुरुवार दोपहर लगभग 12 बजे पोट्टी को उसके घर से हिरासत में ले लिया।"
रिपोर्ट में कहा गया है कि पोट्टी समेत 10 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 403 (संपत्ति का बेईमानी से गबन), 406 (आपराधिक विश्वासघात), 466 (सार्वजनिक दस्तावेज़ों की जालसाजी) और 467 (मूल्यवान प्रतिभूति की जालसाजी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।