एस-400 डील पर बोले केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री, 2023 तक डिलीवरी होने की संभावना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री श्रीपद नाइक ने पूछे जाने पर लोकसभा में एस-400 डील की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम लाने के लिए पांच अक्तूबर, साल 2018 में समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। इस सिस्टम की डिलीवरी 2023 तक होने की संभावना है।
Union MoS Defence, Shripad Naik on being asked in Lok Sabha the details of S-400 deal: A contract had been signed on 5 October, 2018 for delivery of S-400 system from Russia. The deliveries are likely to be made by April, 2023. (file pic) pic.twitter.com/QwOTUkNMT5
— ANI (@ANI) July 17, 2019विज्ञापन
इस मिसाइल खरीद करार से भारत का रक्षा सहयोगी अमेरिका चिढ़ा हुआ है। अमेरिका चाहता है कि भारत को रूसी तकनीक से दूर रखा जाए। अमेरिका कई बार कह चुका है कि भारत यदि एस-400 खरीदता है तो हम उस पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करेंगे।
भारत ने संकेत दिए हैं कि वह अमेरिका से इस संबंध में विशेष छूट की मांग कर सकता है। हाल ही में विशेषज्ञों ने आशंका जताते हुए कहा था कि एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली की खरीद के बाद कड़े सीएएटीएसए प्रतिबंधों से भारत को छूट मिलना आसन नहीं होगा। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि अमेरिका की नजर में भारत और रूस के बीच हुआ ये 5.4 अरब डॉलर का सौदा बहुत महत्व रखता है। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि बीते साल कानून का रूप लेने वाले इस एक्ट के तहत भारत पर अब प्रतिबंध लग सकता है।
काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट’ (काट्सा) के तहत रूस के साथ हथियार सौदे पर अमेरिकी प्रतिबंधों से भारत को छूट देने का अधिकार केवल ट्रंप के ही पास है। ये एक्ट वैश्विक तौर पर अमेरिका के ईरान, उत्तर कोरिया और रूस के खिलाफ आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंधों के माध्यम से उन्हें निशाना बनाने की ताकत देता है।
अमेरिका में मौजूद 'फ्रेंड्स ऑफ इंडिया' को आशा है कि ट्रंप भारत को सीएएटीएसए के तहत प्रतिबंधों से छूट देंगे क्योंकि अमेरिका भारत को महत्वपूर्ण रक्षा साझेदार मानता है। इसके अलावा अमेरिका आगामी कुछ वर्षों में अरबों डॉलर की रक्षा सामग्री भारत को बेचने के संबंध में सौदा करने के अंतिम दौर में है।