{"_id":"5e014a638ebc3e879e199ae8","slug":"ruthless-punishment-to-minors-sexual-harassment-criminals-culprits-says-bombay-high-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबालिगों से दुष्कर्म में दोषियों को मिले निर्मम सजा: बॉम्बे हाईकोर्ट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
नाबालिगों से दुष्कर्म में दोषियों को मिले निर्मम सजा: बॉम्बे हाईकोर्ट
Tue, 24 Dec 2019 04:44 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: आसिम खान
Updated Tue, 24 Dec 2019 04:44 AM IST
विज्ञापन
बॉम्बे हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी की सजा बरकरार रखते हुए कहा कि नाबालिगों से यौन अपराधों के दोषियों को ‘निर्मम और कठोरतम’ सजा मिलनी चाहिए। जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण की पीठ ने शुक्रवार को दोषी सागर धुरी (29) की विशेष अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। विशेष अदालत ने सागर को दस साल की सजा सुनाई थी।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा, इस तरह के अपराधों से निपटने के लिए स्पष्ट व्यवस्था है। ऐसी मानसिकता वाले लोग सभ्य समाज के लिए खतरा हैं और इसलिए उन्हें निर्ममता के साथ कठोरतम सजा दी जानी चाहिए। इस मामले में याचिकाकर्ता के सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि उसकी उम्र काफी है और उसे अपने कृत्य के नतीजे की भी जानकारी थी।
विज्ञापन
अभियोजन के मुताबिक, ठाणे जिले में सागर पीड़िता का पड़ोसी था। अप्रैल, 2015 में उसने बच्ची को मोबाइल पर गाना दिखाने के बहाने से बुलाया और उससे दुष्कर्म किया। बच्ची का एक दोस्त खेलने के लिए उसे ढूंढ रहा था और उसने बच्ची को दोषी के घर में देखा और एक महिला को इसके बारे में बताया।
विज्ञापन
महिला ने जब दोषी के घर के दरवाजे में छेद से अंदर झांका तो उसने सागर को बच्ची से दुष्कर्म करते हुए देखा। इसके बाद महिला ने आवाज लगाकर बच्ची को बाहर बुलाया और उसकी मां के पास ले गई। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और आरोपी को हिरासत में लिया गया था।