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Gujarat: रूस-यूक्रेन युद्ध में सूरत के व्यक्ति की मौत, 19 दिन बाद शव लेने के लिए मॉस्को रवाना हुआ परिवार
Tue, 12 Mar 2024 09:12 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सूरत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सूरत
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 12 Mar 2024 09:12 AM IST
सार
मृतक के पिता ने बताया कि उन्होंने मॉस्को के लिए मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठने से पहले सूरत ग्रामीण पुलिस में अपना बयान दर्ज करवाया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि इस धांधली में शामिल एजेंट को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
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रूस-यूक्रेन युद्ध
- फोटो : PTI
विस्तार
रूस में मिसाइल हमले में मारे गए सूरत के हेमिल मंगुकिया के पिता और परिवार के दो अन्य सदस्य सोमवार को मॉस्को के लिए रवाना हुए। मंगुकिया की मौत के 20 दिन बाद उनके परिवार को शव को देखने का मौका मिल रहा है।
परिवार के अनुसार, 23 वर्षीय हेमिल मंगुकिया यूक्रेन की सीमा पर रूसी सेना के लिए सहायक के तौर पर काम कर रहा था। पिता ने बताया कि 21 फरवरी को उन्हें हेमिल मंगुकिया की मौत की जानकारी मिली। बता दें कि सीबीआई ने भारतीय युवाओं को नौकरी के बहाने रूस भेजने वाले एजेंटों के खिलाफ पहले से ही कार्रवाई शुरू कर दी है।
रूस के लिए रवाना हुए मृतक के पिता
मृतक के पिता ने बताया कि उन्होंने मॉस्को के लिए मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठने से पहले सूरत ग्रामीण पुलिस में अपना बयान दर्ज करवाया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि इस धांधली में शामिल एजेंट को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उनके मंगलवार तक मॉस्को पहुंचने की संभावना है।
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उन्होंने आगे बताया, "हमने शव को वापस भारत लाने के सिलसिले में मॉस्को में तैनात भारतीय दूतावास से संपर्क किया। उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि वे शव को वापस भारत भेजेंगे। लेकिन 18 दिन बीत चुके हैं। जब भी हम दूतावास में कॉल करते हैं तो हमेशा एक नया अधिकारी कॉल पर होता है और हमारे सवालों का जवाब देता है।"
प्रक्रिया कहां अटकी है: मृतक के पिता
मृतक के पिता ने पूछा, "हम जानना चाहते हैं कि प्रकिया कहां अटक रही है? अब हम थक चुके हैं और इसलिए हमने रूस जाने का फैसला किया। हम वहां जाकर देखना चाहते हैं कि जमीनी स्तर पर क्या हो रहा है। हम सूरत में उसका अंतिम संस्कार करेंगे।" उन्हें 16 दिन का पर्यटक वीजा दिया गया है। उन्होंने मॉस्को पहुंचते ही भारतीय दूतावास से संपर्क करने का फैसला किया है।
हेमिल मंगुकिया के पिता ने उम्मीद जताते हुए कहा, "हमें यहां देखकर रूसी अधिकारी भी हमारे प्रति कुछ सहानुभूति दिखाएंगे और प्रक्रिया में तेजी लाएंगे।" मृतक के भाई ने बताया कि उन्होंने सूरत के सभी विधायकों से बात की और उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही शव को भारत लाया जाएगा।
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परिवार के अनुसार, 23 वर्षीय हेमिल मंगुकिया यूक्रेन की सीमा पर रूसी सेना के लिए सहायक के तौर पर काम कर रहा था। पिता ने बताया कि 21 फरवरी को उन्हें हेमिल मंगुकिया की मौत की जानकारी मिली। बता दें कि सीबीआई ने भारतीय युवाओं को नौकरी के बहाने रूस भेजने वाले एजेंटों के खिलाफ पहले से ही कार्रवाई शुरू कर दी है।
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रूस के लिए रवाना हुए मृतक के पिता
मृतक के पिता ने बताया कि उन्होंने मॉस्को के लिए मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठने से पहले सूरत ग्रामीण पुलिस में अपना बयान दर्ज करवाया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि इस धांधली में शामिल एजेंट को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उनके मंगलवार तक मॉस्को पहुंचने की संभावना है।
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उन्होंने आगे बताया, "हमने शव को वापस भारत लाने के सिलसिले में मॉस्को में तैनात भारतीय दूतावास से संपर्क किया। उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि वे शव को वापस भारत भेजेंगे। लेकिन 18 दिन बीत चुके हैं। जब भी हम दूतावास में कॉल करते हैं तो हमेशा एक नया अधिकारी कॉल पर होता है और हमारे सवालों का जवाब देता है।"
प्रक्रिया कहां अटकी है: मृतक के पिता
मृतक के पिता ने पूछा, "हम जानना चाहते हैं कि प्रकिया कहां अटक रही है? अब हम थक चुके हैं और इसलिए हमने रूस जाने का फैसला किया। हम वहां जाकर देखना चाहते हैं कि जमीनी स्तर पर क्या हो रहा है। हम सूरत में उसका अंतिम संस्कार करेंगे।" उन्हें 16 दिन का पर्यटक वीजा दिया गया है। उन्होंने मॉस्को पहुंचते ही भारतीय दूतावास से संपर्क करने का फैसला किया है।
हेमिल मंगुकिया के पिता ने उम्मीद जताते हुए कहा, "हमें यहां देखकर रूसी अधिकारी भी हमारे प्रति कुछ सहानुभूति दिखाएंगे और प्रक्रिया में तेजी लाएंगे।" मृतक के भाई ने बताया कि उन्होंने सूरत के सभी विधायकों से बात की और उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही शव को भारत लाया जाएगा।